धोखाधड़ी के एक मामले में अंतरिम जमानत दिए जाने के एक दिन बाद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान 26 महीने से अधिक न्यायिक हिरासत में बिताने के बाद शुक्रवार को सीतापुर जेल से बाहर आ गए। रामपुर में घर पहुंचने के बाद जब उनके स्वागत के लिए उनके घर के बाहर हजारों की संख्या में समर्थक जुटे तो आजम ने कहा, यह किसी आश्चर्य से कम नहीं है कि मैं आप लोगों के सामने जिंदा खड़ा हूं।

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उन्होंने कहा, मुझे ब्रिटिश जमाने की कोठरी में रखा गया था, जिस जेल में मुझे रखा गया था, उसके पास एक फांसी खाना था। जेल के गेट पर आजम से उनके बेटे अब्दुल्ला और अदीब के अलावा सपा के दो मौजूदा विधायक आशु मलिक और मोहम्मद फहीम मौजूद थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्विटर पर उनका स्वागत किया। 

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इसके बाद आजम का काफिला सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता के आवास की ओर चल दिया। आजम ने कहा कि मैं एक साधारण कैदी था, अकेला रहता था और पानी के साथ चपाती खाता था। जेल में मेरे साथ जो कुछ भी हुआ वह अब मेरे शरीर पर दिख रहा है। मौजूदा सरकार या किसी खास तबके को मुझसे गहरी नफरत है। मैं न्याय देने के लिए मैं SC का शुक्रगुजार हूं।