सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रमुख रजनीकांत मिश्रा ने शनिवार को स्वीकार किया कि भारत और बंगलादेश की सीमा पर हाल के दिनों में लोगों के मारे जाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है।


संवाददाताओं की ओर से दोनों देशों की सीमा पर लोगों की हत्या के बारे में पूछे जाने पर श्री मिश्रा ने लोगों के मारे जाने को 'हत्या' बताये जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाकों में लोगों का मारा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।


मिश्रा यहां बॉर्डर गॉर्ड बंगलादेश (बीजीबी) मुख्यालय में बीजीबी और बीएसएफ के बीच सीमा सम्मेलन की बैठक में भाग लेने आए थे। बीएसएफ महानिदेशक ने इस दौरान दावा किया कि जब कोई विकल्प शेष नहीं रहता तब बीएसएफ के जवान अपनी जान की रक्षा करते हैं।


उन्होंने कहा कि जीवन सभी के लिए महत्वपूर्ण है। सभी घटनाएं भारतीय सीमा के भीतर हुयीं तथा इसमें बीएसएफ के कुछ जवान भी शहीद हुये है। इस वर्ष पहले पांच महीने में सीमा पर 15 लोगों की मौत हो चुकी है।


गौरतलब है कि बांग्लादेश की सीमा भारत के असम, त्रिपुरा, मिजोरम , मेघालय और पश्चिम बंगाल राज्य से लगती है। जिसमें असम से 262 किलोमीटर, त्रिपुरा से 856 किलोमीटर, मिजोरम से 180 किलोमीटर, मेघालय से 443 किलोमीटर और पश्चिम बंगाल से 2217 किलोमीटर से साझा करती है।