सरकार ने आज स्पष्ट किया कि भारत एवं अमेरिका के बीच संपन्न रक्षा मंत्री एवं विदेश मंत्री स्तर की संयुक्त दो प्लस दो बैठक में भारत का आंतरिक विषय होने के नाते नागरिकता संशोधन कानून के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई, पर अमेरिकी सांसदों एवं वार्ताकारों को भारत के पक्ष से भलीभांति अवगत करा दिया गया है। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने यहां नियमित ब्रीफिंग में सवालों के जवाब में कहा कि इस बैठक में भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने भाग लिया और बैठक बहुत सकारात्मक एवं रचनात्मक रही। बैठक शुरु होने से पहले रक्षा मंत्री एवं विदेश मंत्री ने अपने अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। जबकि बैठक के बाद वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिले। 

कुमार ने कहा कि चारों मंत्रियों ने संकल्प लिया कि वे भारत अमेरिका रणनीतिक वैश्विक साझेदारी की पूर्ण क्षमता के दोहन के लिए मिलकर काम करेंगे। नागरिकता संशोधन कानून के मुद्दे के उठने के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत का आंतरिक मुद्दा होने के कारण इस मुद्दे पर दो प्लस दो बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। विदेश मंत्री की अमेरिकी सीनेट की वैदेशिक संबंध समिति के नेतृत्व के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बैठक की बिन्दुवार जानकारी नहीं है लेकिन नागरिकता संशोधन कानून पर हमारे ²ष्टिकोण से अमेरिकी वार्ताकारों खासकर सांसदों को अवगत करा दिया गया है।

 उन्होंने कहा कि हमने उन बिन्दुओं को रेखांकित किया है जिन्हें संसद में बतलाया गया है और बाद में प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री ने दोहराया है। अमेरिकी सांसदों के साथ बैठक में डॉ. जयशंकर ने इस मुद्दे पर हमारे दृष्टिकोण को साझा किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि दो प्लस दो बैठक में हिन्द प्रशांत क्षेत्र में सहयोग, भारत एवं अमेरिका के बीच रक्षा एवं विदेश संबंधी नीतियों के सहयोग, आतंकवाद से मुकाबले, व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जनता के बीच संपर्क आदि विषयों पर विचार विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर परस्पर सहयोग बढ़ाने के बारे में भी बातचीत की। रक्षा मंत्री सिंह ने नोरफोल्ड बेस का भी दौरा किया और प्रवासी भारतीयों से मुलाकात की। 

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