LAC पर भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर है। बीते सप्ताह ही दोनों सेनाओं के बीच खूनी झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जनाव शहीद हुए थे। इस बीच गलवान घाटी में निगरानी रखने के लिए मोदी सरकार ने इजराइल से खरीदे हुए मानवरहित ड्रोन्स को लगा दिया है। वहीं नरेंद्र मोदी सरकार ने भारतीय सेना को चीनी सेना की किसी भी नापाक हरकत से अपने तरीकों पर निपटने की पूरी छूट दे दी है। इसके अलावा फोर्सेज को 500 करोड़ रुपये का स्पेशल फंड भी दिया गया है, जिससे कि आपात स्थिति में किसी भी तरह के हथियार खरीदे जा सकें। इसके अलावा चीनी पीएलए की तरह जल्दी ही आर्म्ड ड्रोन्स खरीदने की तैयारी भी की जा रही है। इसके लिए जल्द ही यूएस या इजराइल से एक डिफेंस डील की जा सकती है।

इस बीच भारत और चीन के सैनिकों के बीच बीते सप्ताह गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। दरअसल ये हमला चीन की तरफ से किया गया था और चीन के पश्चिमी थियेटर कमांड के प्रमुख जनरल झाओ जोंगकी ने गलवान घाटी हमले को मंजूरी दी थी। अमरीकी खुफिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया। बता दें कि इस हमले में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद से ही भारत और चीन के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गया है।

जनरल झाओ उन कुछ गिने चुने वरिष्‍ठ जनरल में शामिल हैं जो पीएलए में अभी भी सेवा दे रहे हैं। झाओ ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि भारत, अमेरिका और उसके सहयोगियों के शोषण से बचने के लिए चीन को कमजोर नहीं दिखना चाहिए। अमेरिकी रिपोर्ट से यह स्‍पष्‍ट हो जाता है कि चीन इस हमले के जरिए भारत को अपनी ताकत का संदेश देना चाहता था। हालांकि चीन की यह योजना उल्‍टी पड़ गई और इस हिंसक झड़प में उसके 40 से ज्‍यादा सैनिक हताहत हो गए। दरअसल, चीन चाहता था कि इस कार्रवाई के जरिए भारत पर दबाव बनाया जाए ताकि वार्ता की मेज पर भारतीय पक्ष को दबाया जा सके।