इजरायल और इस्लामिक हमास के बीच 2014 के बाद से सबसे खराब तनाव जारी है। गाजा पट्टी में हिंसक तनाव लगातार जारी है और हिंसा को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच किसी भी संघर्ष विराम का कोई संकेत नहीं है। शुक्रवार की रात और सुबह दोनों पक्षों के बीच जैसे को तैसा वाला हिंसक सैन्य टकराव तेज हो गया। हमास के उग्रवादियों ने इजरायल में और रॉकेट दागे और इजरायली लड़ाकू विमानों ने एन्क्लेव पर हमला जारी रखा है।

हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि गाजा पट्टी में सोमवार से अब तक 122 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें 31 बच्चे और 20 महिलाएं शामिल हैं और 900 अन्य घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि इजरायली सेना ने शुक्रवार को गाजा शहर के पूर्वी इलाके में टैंकों से हमला किया, जिसमें कम से कम दो लोग मारे गए। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार, टैंकों ने उत्तरी गाजा के बेत लाहिया शहर में हमला किया, जिसमें एक मां और उसके चार बच्चों की मौत हो गई। एक इजरायली सेना के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि जवानों ने हमास से संबंधित चौकियों पर गहन हमला किया है। 160 युद्ध जेट, तोपखाने और टैंक ने सैन्य अभियान में भाग लिया।

बयान में कहा गया है कि 150 लक्ष्यों को रातोंरात और शुक्रवार की सुबह निशाना बनाया गया, जिसमें कहा गया कि कई लक्ष्य भूमिगत थे। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना इजरायल पर रॉकेट दागने वाले आतंकवादियों पर अपने हमले जारी रखेगी। जैसे ही इजरायल की बमबारी तेज हुई, हमास और इस्लामिक जिहाद के आतंकवादियों ने घोषणा की कि उनके आतंकवादियों ने इजरायल में रॉकेट के अधिक बैराज दागे। हमास की सशस्त्र शाखा, अल-कसम ब्रिगेड ने एन्क्लेव में इजराइल के नागरिकों को निशाना बनाने के जवाब में, इजरायल के शहर अशकलोन में 100 रॉकेट लॉन्च करने की जिम्मेदारी ली।इस्लामिक जिहाद की सशस्त्र शाखा अल-कुद्स ब्रिगेड ने यह भी कहा कि उसके आतंकवादियों ने दक्षिणी और मध्य इजराइल में इजरायल के शहरों पर जबरदस्त रॉकेट हमले किए।

इजरायली सेना ने कहा कि गाजा आतंकवादी समूहों ने इजरायल पर 1,750 से अधिक रॉकेट दागे हैं, जिनमें से अधिकांश को आयरन डोम रक्षा प्रणाली द्वारा रोक दिया गया था। गाजा से दागे गए रॉकेटों में कम से कम नौ इस्राइली मारे गए और 200 अन्य घायल हो गए। इस बीच, फिलिस्तीनी सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच शांति तक पहुंचने के लिए संपर्क अब तक विफल रहा है, मिस्र, कतर और संयुक्त राष्ट्र दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता तक पहुंचने के लिए मध्यस्थता का नेतृत्व करेंगे।