लाल सागर (Red Sea) में इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates)  और बहरीन की नौसेना ने कुछ दिनों पहले अमेरिकी युद्धपोत (US warship in the Red Sea) के साथ संयुक्त सुरक्षा अभियानों का पूर्वाभ्यास किया. इससे ठीक एक महीने पहले इजरायल के बंदरगाह शहर इलियट के उत्तर में एक रेगिस्तानी हवाई अड्डे पर वॉर-गेम का आयोजन किया गया. इसमें इजरायल और सात अन्य देशों के लड़ाकू विमानों को आसमान में गरजते हुए देखा गया. इन सैन्य अभ्यासों का मकसद ईरान को सख्त चेतावनी देना है. ईरान ने हाल के दिनों में अपने खुद के सैन्य अभ्यास (military exercises)  किया.

ये सभी घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आ रहे हैं, जब इजरायल में कई लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं देश को खुद ही सैन्य तरीके से ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर हमला न करना पड़ जाए. इजरायली सरकार ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स के खिलाफ संभावित हमले के लिए इजरायली सशस्त्र बलों को तैयार करने के लिए 1.5 बिलियन डॉलर का आवंटन किया है. इसके अलावा, देश में हर दिन नेताओं और सैन्य अधिकारियों की तरफ से हर दिन हमले की चेतावनी दी जा रही है. विश्लेकों का कहना है कि इजरायल की ईरान के साथ युद्ध का (Israel has no intention of going to war with Iran, but will not allow Iran to acquire nuclear weapons) कोई इरादा नहीं है, लेकिन वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा.