फिलिस्तीनियों पर हमले के बाद से दुनियाभर के मुस्लिम देशों की इजरायल से नाराजगी बढ़ गई है। पाकिस्तान और तुर्की लगातार इजरायल के खिलाफ मुस्लिम देशों से एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं लेकिन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इजरायल के साथ अपने द्विपक्षीय रिश्ते को नया आयाम देने में जुटा हुआ है। इसी क्रम में इजरायल ने इस साल गर्मियों में यूएई की राजधानी अबू धाबी में अपना कार्यालय खोलने की योजना बनाई है ताकि विदेशी निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ खाड़ी देशों और अरब वर्ल्ड के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ावा दिया जा सके।
अमेरिका की मध्यस्थता में पिछले साल सितंबर में इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात में हुए समझौते के बाद से दोनों पक्षों में कई करार हुए हैं। इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात ने बैंकिंग, सीधी उड़ान, टैक्सेशन आदि को लेकर कई द्वपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल के लिए 31 मई 2021 का दिन अहम रहा। यूएई ने सोमवार को तेल अवीव में अपना दूतावास खोला और इजरायल के साथ दोहरे कराधान को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को रफ्तार मिलने की संभावना है।

इजरायल के वित्त मंत्री अमीर पेरेट्ज़ ने कहा कि वह इजरायल-अमीरात में संबंधों को मजबूत करने में "भारी आर्थिक संभावना" देखते हैं। उन्होंने कहा कि अबू धाबी में कार्यालय खोलने से पहले से चल रही विभिन्न पहलों को काफी बढ़ावा मिलेगा।

वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाले इजरायल का विदेश व्यापार प्रशासन (एफटीए) दुनिया भर में 50 से अधिक व्यापार केंद्र संचालित करता है। इजरायल ने पिछले साल मनीला में एक शाखा खोली थी। रॉयटर्स के मुताबिक इजरायल के वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि अबू धाबी में कार्यालय खोलने की दिशा में काम चल रहा है। यूएई में खुलने वाले कार्यालय में अवियाद तामीर तैनात किए जाएंगे।

इजरायल का विदेश व्यापार प्रशासन पिछले साल से संयुक्त अरब अमीरात में व्यापार को लेकर संभावनाएं देख रहा है। इसमें इजरायल और खाड़ी देश के बीच विमानन संबंधों को मजबूत करना, तेल आयात, ऊर्जा, हीरा निर्यात, चिकित्सा उपकरण, जल प्रौद्योगिकियों का निर्यात और वित्तीय और साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकियों का निर्यात शामिल है।

एफटीए के निदेशक ओहद कोहेन ने कहा कि यूएई में खुलने वाले नए दफ्तर से इजरायली टेक्नोलॉजी में रुचि रखने वाले संयुक्त अमीरात के लोग इजरायल में निवेश को उत्साहित होंगे। इज़रायल ने हाल ही में बहरीन के साथ भी संबंध सामान्य किए हैं।

मोरक्को के लिए उड़ानः संयुक्त अरब अमीरात, सूडान, बहरीन वो इस्लामिक देश हैं जिन्होंने अमेरिका के नेतृत्व में इजरायल से अपने संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसी क्रम में इजरायल ने मोरक्को से अगले महीने से उड़ान शुरू करने जा रहा है। इजरायल की विमान कंपनी इसरायर (Israir) जुलाई से तेल अवीव और मोरक्को के मराकेश के बीच उड़ानें शुरू करेगी। इजरायली विमानन कंपनी ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी दी।

इजरायल की विमान कंपनी इसरायर ने कहा कि छह घंटे की नॉनस्टॉप उड़ानें 19 जुलाई से शुरू होंगी। दोनों शहरों के बीच सप्ताह में पांच बार उड़ानें संचालित होंगी। Israir के मार्केटिंग वाइस प्रेसिडेंट गिल स्टाव ने कहा कि उनका अनुमान है कि उड़ान की मांग ज्याद रहने वाली है। हजारों इजरायली छुट्टियां बीतने के लिए मोरक्को जाना पसंद करेंगे। इज़रायल और मोरक्को दिसंबर में राजनयिक संबंधों को फिर से शुरू करने और सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने के लिए सहमत हुए थे।

मोरक्को में यहूदियों की तादाद अच्छी खासी मानी जाती है। 1948 में इजरायल की स्थापना तक उत्तरी अफ्रीका और मध्यपूर्व में समृद्ध यहूदी आबादी हुआ करती थी। यहूदी यहां से भागकर दूसरी जगहों पर बस गए या कई अरब देशों से निष्कासित कर दिए गए, 1948-1964 तक करीब 2.50 लाख यहूदियों ने इज़रायल के लिए मोरक्को छोड़ दिया था। अभी करीब 3,000 यहूदी मोरक्को में रहते हैं।