इजरायल और फलस्‍तीनी उग्रवादी गुट हमास के बीच जारी भीषण संघर्ष में एक नया मोड़ आ चुका है। दोनों पक्षों के बीच हवा और जमीन पर जारी युद्ध अब पानी में भी शुरू हो गया है। इजरायल की सेना ने दावा किया है कि हमास ने रिमोट से चलने वाली पनडुब्‍बी से समुद्र के रास्‍ते हमला किया था लेकिन उसके सतर्क जवानों ने उसें तबाह कर दिया। सेना ने कहा कि हमास के निशाने पर इजरायल के नौसैनिक जहाज थे। इस कार्रवाई में हमास के कई सदस्‍य मारे गए हैं और उसकी पनडुब्‍बी भी बर्बाद हो गई है। इस पनडुब्‍बी को हमास ने गाजा तट से लॉन्‍च किया था।

इजरायली मीडिया के अनुसार यह पनडुब्‍बी रिमोट कंट्रोल से संचालित होती थी ताकि सटीक हमला किया जा सके। ये पनडुब्बियां बहुत सस्‍ती होती हैं और करीब 30 किलोमीटर तक हमला कर सकती हैं। इस बीच गाजा में इजरायल के भीषण हमले लगातार जारी हैं। मंगलवार अल सुबह को भी इजरायली विमानों ने हमास के ठिकानों पर बम और मिसाइलें बरसाईं। इस बीच इजरायली सेना ने कहा है कि हमास ने अब तक 3 हजार से ज्‍यादा रॉकेट दागे हैं, वहीं उन्‍होंने भी गाजा में 800 से ज्‍यादा हमास के ठिकानों को निशाना बनाया है।

इजरायल और फलस्तीन के बीच जारी लड़ाई अब दूसरे हफ्ते में पहुंच गयी है। दोनों पक्षों के बीच जारी इस भीषण संघर्ष में फलस्‍तीन के 212 लोग अब तक मारे गए हैं जिसमें 61 बच्‍चे भी शामिल हैं। इसके अलावा 1500 फलस्‍तीनी नागरिक घायल हो गए हैं। हमास के रॉकेट हमलों की चपेट में आकर इजरायल में भी दो बच्‍चों समेत 10 लोग मारे गए हैं। उधर, इजरायल-फलस्‍तीन की जंग अब लेबनान तक पहुंच गई है। इजरायली सेना ने एक बयान जारी करके कहा है कि लेबनान की ओर से 6 रॉकेट दागे गए हैं।

हालांकि ये सभी लेबनान की सीमा में ही गिर गए। इसके जवाब में इजरायली तोपों ने अपना मुंह खोल दिया और लेबनान में उग्रवादियों के ठिकाने पर गोले बरसाए। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू ने ऐलान किया है कि हमास के खिलाफ भीषण हमले आगे भी जारी रहेंगे। इजरायली पीएम ने कहा कि सभी देश के लोगों की सुरक्षा और शांति की बहाली होने तक हमास के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्‍होंने कहा कि इजरायली सेना को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है और इस्‍लामिक जिहाद के एक कमांडर को मार गिराया गया है।

नेतन्‍याहू का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब दुनियाभर से दोनों पक्षों के बीच शांति की अपील की जा रही है। सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। इस दौरान बाइडेन ने संघर्ष विराम का समर्थन किया। बाइडन का यह कदम इस बात का संकेत है कि अमेरिका चाहता है कि हमास के साथ इजराइल की शत्रुता खत्म हो।