जहां एक तरफ कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में बरकरार है, तो वहीं इजराइल से एक अच्छी खबर सामने आई है। इजराइल ने एक साल बाद घर से बाहर निकलने पर मास्‍क पहनने की अनिवार्यता को खत्‍म कर दिया है। इजराइल ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब उसने अपनी 80 फीसदी जनता को कोरोना वायरस वैक्‍सीन लगाने में सफलता हासिल कर ली है। 

इजराइल ने मास्‍क लगाने की अनिवार्यता को खत्‍म करने का ऐलान किया। इजरायल की कोरोना वायरस से जंग में इसे बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इजराइल के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री यूली इडेलस्‍टेइन ने कहा कि इजराइल में कोरोना वायरस संक्रमण की दर वैक्‍सीन लगाए जाने के बाद बहुत कम हो गई है। इसलिए अब प्रतिबंधों में ढील देना संभव हुआ है। हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा कि अभी ऑफिसों के अंदर मास्‍क पहनना अनिवार्य होगा। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 93 लाख की आबादी में इजराइल ने अब तक 50 लाख लोगों को कोरोना वैक्‍सीन लगा दी है। वैक्‍सीन लगाए जाने की वजह से कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मरीजों को अस्‍पतालों में भर्ती कराए जाने और मौतों का आंकड़ा बहुत कम हो गया है। देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू ने फाइजर से मेडिकल डेटा शेयर करने की शर्त पर बड़े पैमाने पर कोरोना वैक्‍सीन हासिल किया था। इजराइल वैक्‍सीन के प्रभाव का डेटा फाइजर के साथ साझा कर रहा है।

कोरोना वैक्‍सीन लगाए जाने से इजराइल में हालात बहुत बदल गए हैं। जनवरी महीने के मध्‍य में जहां इजराइल में हर दिन 10 हजार नए मामले सामने आ रहे थे वहीं अब प्रतिदिन 200 केस ही सामने आ रहे हैं। इजराइल ने कई प्रतिबंधों में काफी ढील दी है लेकिन इसके बाद भी लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की दर बहुत कम बनी हुई है। हालांकि दुनिया के अन्‍य देशों से आ रहे लोगों के लिए कड़े प्रतिबंध अभी भी जारी हैं।