इजरायल ने पूरी दुनिया को पीछे छोड़ते हुए कोरोना वायरस की चमत्कारिक दवाई बनाने का दावा किया है। इजरायल ने कहा कि अभी उसे इंसानों पर परीक्षण के लिए सरकारी अनुमति लेनी होगी। इस वैक्‍सीन का शरदकालीन छुट्ट‍ियों के बाद परीक्षण शुरू कर दिया जाएगा। इजरायल के रक्षा मंत्री बेनी गांट्ज ने इजरायल इंस्‍टीट्यूट ऑफ बॉयोलॉजिकल रिसर्च का दौरा कर इस वैक्‍सीन के बारे में जानकारी ली है।
इंस्‍टीट्यूट के डायरेक्‍टर प्रफेसर शैमुअल शपिरा ने उन्‍हें इस नई इजरायली वैक्‍सीन के बारे में उन्‍हें जानकारी दी। इजरायल के रक्षा और प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी करके कहा कि एक बेहद शानदार वैक्‍सीन बन गई है और इसके इंसानों पर ट्रायल के लिए प्रक्रिया जारी है। इंस्‍टीट्यूट के डायरेक्‍टर ने कहा कि हम शरदकालीन छुट्टियों के बाद इस वैक्‍सीन का इंसानों पर ट्रायल शुरू करेंगे। हालांकि यह वैक्‍सीन अब बनकर हमारे हाथ में आ गई है।
शपीरा ने कहा कि उन्‍हें अपनी वैक्‍सीन पर गर्व है। इस बयान में यह नहीं बताया गया है कि कब तक वैक्‍सीन का इस्‍तेमाल हो सकेगा। इससे पहले मई महीने में इजरायल के रक्षा मंत्री नफताली बेन्‍नेट ने दावा किया था कि देश के डिफेंस बायोलॉजिकल इंस्‍टीट्यूट ने कोरोना वायरस का टीका बना लिया है। उन्‍होंने कहा कि इंस्‍टीट्यूट ने कोरोना वायरस के एंटीबॉडी को तैयार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
रक्षा मंत्री बेन्‍नेट ने बताया था कि कोरोना वायरस वैक्‍सीन के व‍िकास का चरण अ‍ब पूरा हो गया है और शोधकर्ता इसके पेटेंट और व्‍यापक पैमाने पर उत्‍पादन के लिए तैयारी कर रहे हैं। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्‍याहू के कार्यालय के अंतर्गत चलने वाले बेहद गोपनीय इजरायल इंस्‍टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रीसर्च के दौरे के बाद बेन्‍नेट ने यह ऐलान किया था। रक्षा मंत्री के मुताबिक यह एंटीबॉडी मोनोक्‍लोनल तरीके से कोरोना वायरस पर हमला करती है और बीमार लोगों के शरीर के अंदर ही कोरोना वायरस का खात्‍मा कर देती है।