अमरीका के बाद अब इजरायल ने भी आशंका जाहिर की है कि फाइजर वैक्सीन से दिल में सूजन की समस्या आ रही है। इस समस्या को मायोकार्डिटिस नाम से जाना जाता है। बता दें, यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन पहले ही एक अहम जांच पर कर रहा है, जो कि दिल से जुड़ा है। सीडीसी उन किशोरों और युवाओं में दिल की सूजन आने को लेकर आंकलन कर रहा है, जिन्‍होंने हाल ही में कोविड-19 वैक्सीन ली है। 

इतना ही नहीं इस दुर्लभ स्थिति को लेकर सीडीसी ने आगे भी अध्‍ययन करने की सिफारिश की है। हाल ही में जारी किए गए एक बयान में सीडीसी ने वैक्‍सीनेशन को लेकर कहा है कि कई किशोरों और युवाओं में कोविड वैक्‍सीन लगने के बाद मायोकार्डिटिस की समस्‍या हुई है। ऐसे मामले लड़कियों की बजाय ज्‍यादातर लड़कों में ही सामने आए हैं। मायोकार्डिटिस से मतलब है हृदय की मांसपेशियों में सूजन आना। आमतौर पर यह समस्‍या अपने आप दूर हो जाती है। सीडीसी ने कहा है कि वैसे इस समस्‍या के पीछे कई तरह के वायरस जिम्‍मेदार हो सकते हैं। भले ही इस समस्‍या के ज्‍यादा मामले न मिले हों, फिर भी हेल्‍थ केयर वर्कर्स को इस मामले से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं को लेकर सतर्क रहना चाहिए। 

सीडीसी के अनुसार, ज्यादातर मामले वैक्सीन के 4 दिन बाद सामने आए हैं। बता दें कि इससे पहले अप्रैल में इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि फाइजर वैक्‍सीन लेने वालों में दिल की सूजन की समस्‍या होने के कुछ मामले सामने आए हैं। इजरायल में ज्यादातर मामले 30 साल की उम्र के लोगों में थे। वहीं फाइजर ने कहा है कि सामान्य आबादी में इस स्थिति के ज्‍यादा मामले नहीं देखे गए हैं और ना ही इस समस्‍या और वैक्‍सीन के बीच कोई संबंध सामने आया है। गौरतलब है कि मई में ही अमेरिकी रेगुलेटर्स ने फाइजर और बायोएनटेक के टीके को 12-15 साल की उम्र के बच्चों पर इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।