इजरायल ने एक ऐसी खतरनाक तकनीक को विकसित कर लिया है जो उसके सेनिकों को अदृश्य कर देगी। जी हां, इस देश के रक्षा मंत्रालय ने देश की ही कंपनी पोलारिस सॉल्‍यूशन्‍स के साथ मिलकर एक ऐसी छिपाने की अद्भुत तकनीक को बनाया है जिससे इजरायली सैनिक वर्चुअली अदृश्‍य हो जाएंगे। इस छद्म आवरण का इस्‍तेमाल करते ही इजरायली सैनिक देखने में बिल्‍कुल पत्‍थर की तरह से नजर आएंगे जिससे उन्‍हें आसानी से पहचाना नहीं जा सकेगा।

इस तकनीक को किट 300 नाम दिया गया है और इसे छिपाने वाले थर्मल विजुअल मटीरियल का इस्‍तेमाल किया गया है जिसमें धातू, माइक्रोफाइबर और पॉलीमर का इस्‍तेमाल किया गया है। इससे इजरायली सैनिकों को पहचनना असान नहीं होगा। इस मटीरियल को एक हल्‍के स्‍ट्रेचर में तब्‍दील किया जा सकेगा। इसको पहनने पर इजरायली सैनिकों को इंसानी आंखों और थर्मल इमैजिंग उपकरणों की मदद से पहचाना नहीं जा सकेगा।

इजरायली सैनिक इस अत्‍याधुनिक छद्म आवरण को या तो अपने चारों ओर लपेट सकेंगे या उसे मिला सकेंगे जिससे वह देखने में कोई पहाड़ी इलाके की तरह से नजर आएगा। इजरायली रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञ गाल हरारी ने कहा है कि अगर कोई इन सैनिकों को दूरबीन की मदद से देख रहा है तो वह सैनिकों को पहचान नहीं पाएगा। इस शीट का वजन करीब 500 ग्राम है।

इसे एक गट्ठर के रूप में मोड़ा जा सकता है। इजरायली सेना ने इसका परीक्षण कर लिया है और अब इसे सेना में शामिल किया जा रहा है। इस तरह के छद्म आवरण को बनाने का विचार पोलारिस सॉल्‍यूशन्‍स के सहसंस्‍थापक असाफ को अपने निजी अनुभवों से आया था। वर्ष 2006 में लेबनान युद्ध के दौरान असाफ इजरायली सेना में थे और उन्‍होंने पाया था कि सैनिक अपने शत्रुओं के थर्मल इमैजिंग उपकरणों के सामने पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं। इसके बाद उन्‍होंने इसे बनाने की ठानी थी। अब यह कंपनी इस तकनीक को अमेरिका और कनाडा को भी देने पर विचार कर रही है।