अफगानिस्तान मसले पर पाकिस्तान का सच एक बार फिर से दुनिया के सामने आ गया है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री शेख राशिद ने हाल ही में एक इंटरव्यू में इस बात को स्वीकार किया है कि इस्लामाबाद लंबे समय से तालिबान का संरक्षक रहा है। 

राशिद ने कहा कि हमने संगठन को आश्रय देकर उसे मजबूत करने का काम किया, जिसका परिणाम आप देख सकते हैं कि 20 साल बाद यह समूह एक बार फिर अफगानिस्तान पर शासन करेगा। शेख राशिद ने स्वीकार किया है कि इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान सरकार ने तालिबान नेताओं के लिए सब कुछ किया है। पाकिस्तान में तालिबान को आश्रय, शिक्षा और घर मिला। गौरतलब है कि तालिबान 20 साल बाद अफगानिस्तान में सत्ता में वापस आया है।

गौरतलब है कि दुनियाभर के देश और अफगानिस्तान के लोग लगातार आरोप लगा रहे हैं कि पाकिस्तान की मदद से ही अफगानिस्तान में तालिबान फिर सत्ता में आया है। हथियारों से लेकर आश्रय प्रदान करने में पाकिस्तान ने तालिबान की जमकर मदद की है। तालिबान और पाकिस्तान सरकार के बीच में सामंजस्य बैठाने का काम आईएसआई ने किया। अब राशिद के कबूलनामे के बाद यह बात सच साबित हो गई है।