देश की राजधानी दिल्ली सहित राजस्थान के लिए आज का दिन बेहद खास है। गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के बाद अब आंदोलन को और धार देने के लिए किसान संगठन आज तीन घंटे के लिए देशव्यापी चक्का जाम कर रहे हैं। दिल्ली-राजस्थान-यूपी बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान मौजूद हैं। वहीं कांग्रेस सहित लगभग सभी विपक्षी पार्टियों ने इस चक्का जाम को अपना समर्थन दिया है। किसी भी तरह के उपद्रव और हिंसा से बचने के लिए दिल्ली 50 हजार सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। साथ ही 12 मेट्रो स्टोशनों को अलर्ट पर रखा गया है। किसानों का कहना है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं होगा। किसान शांतिपूर्ण तरीके से देश के अन्य हिस्सों में तीन घंटे के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को बाधित कर रहे हैं।

उधर, किसान नेता राकेश टिकैत के तेवर तीखे नजर आ रहे हैं। टिकैत का कहना है कि आंदोलनकारी किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत को तैयार हैं। उन्‍होंने कहा कि वे पीएम मोदी के न्‍योते का इंतजार कर रहे हैं। मोदी ने पिछले दिनों सर्वदलीय बैठक में कहा था कि उनकी सरकार किसानों से बातचीत से बस एक फोन कॉल दूर है। पीएम ने कहा था कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को किसान नेता जब चाहें, तब फोन कर लें और बातचीत शुरू कर दें। इसपर राकेश टिकैत ने कहा कि पीएम मोदी अपना नंबर उन्‍हें दे दें ताकि वे फोन कर सकें। टिकैत दिल्‍ली और उत्‍तर प्रदेश के बीच गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का नेतृत्‍व कर रहे हैं।

बम और डॉग स्क्वॉड को राजधानी के कई स्थानों पर तैनात किया गया है। लाल किला, इंडिया गेट जैसी जगहों पर ध्यान देने के साथ ही बाजारों और धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। साथ ही संसद भवन जाने वाले मार्ग पर भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कच्ची सडक़ें जिनके जरिए शहर के अंदर प्रवेश किया जा सकता है, उन पर भी नजर है। वहीं चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए शाहजहांपुर बॉर्डर यानी दिल्ली-राजस्थान बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। किसान संगठन देशभर में आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम कर रहे हैं।