भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड (आईआरएसडीसी) ने बिजवासन रेलवे स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत स्टेशन के मिश्रित उपयोग लायक जमीन को लीज पर देने के लिए ई-रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) आमंत्रित किया है। मिश्रित उपयोग लायक उपलब्ध जमीन का कुल भू-क्षेत्र 18,000 वर्गमीटर है और 99 वर्ष तक के लीज राइट्स के आधार पर जमीन पर मिश्रित उपयोग के लिए इच्छुक संस्थाओं से बोलियां आमंत्रित की गई हैं। 

लीज पर देने लायक भूखंड का अनुमानित बिल्ट-अप एरिया (बीयूए) 50,233 स्क्वायर मीटर है। आरए$फपी डोक्यूमेंट ईटेंडर्सडॉटगवर्नमेंटडॉटइन पर उपलब्ध है। इसके लिए 15 अप्रैल 2021 को प्री-बिड मीङ्क्षटग आयोजित की जाएगी और आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 10 मई 2021 तय की गई है। किसी अन्य विवरण के लिए आरएफपी डोक्यूमेंट पढऩे का अनुरोध किया जाता है। स्टेशन विकास निविदाएं पहले ही 'इंजीनियङ्क्षरग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन' (ईपीसी) मोड पर दी जा चुकी हैं और वर्तमान में विकास कार्य प्रगति पर है। 

परियोजना को लेकर आईआरएसडीसी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एसके. लोहिया ने कहा, 'इस भूखंड का विकासरेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स, होटल, रिटेल, ऑफिस स्पेस, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और मार्केट आदि जैसी सुविधाओं के लिए प्रावधान करेगा, जो इसे रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए आकर्षक बनाता है। यह रोजगार सृजन, पर्यावरण प्रदूषण को कम करने और आस-पास के क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में समग्र सुधार लाएगा।'

बिजवासन रेलवे स्टेशन को कॉम्पैक्ट, ऊर्जा-कुशल और यात्री-अनुकूल सुविधाओं के लिए 'ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट' (टीओडी) सिद्धांतों के आधार पर पुनर्विकसित किया जाएगा। बिजवासन रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए दिसंबर 2019 के दौरान दिल्ली विकास प्राधिकरण के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया गया था। बिजवासन रेलवे स्टेशन को दिल्ली-2021 के लिए मास्टर प्लान के एक हिस्से के रूप में 'इंटीग्रेटेड डायरेक्शनल पैसेंजर टर्मिनल' के रूप में डिजाइन किया गया है।