कोरोना वायरस की दवाई के बारे में हराम या हलाल की बहस के बीच ईरान खुद की वैक्सीन बनाने जा रहा है। इसी को लेकर अब ईरान में घरेलू तौर पर विकसित कोरोना वायरस के टीके की सुरक्षा और असर का पहला अध्ययन शुरू हो गया और संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित इस देश में दर्जनों लोगों को इसे लगाया जाना है।

ईरान में सरकारी स्वामित्व वाले फार्मास्युटिकल संघ में शामिल शिफा फार्मेड ने टीके का विकास किया है और यह पहला टीका है जो मानव परीक्षण के स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि उनका देश एक और टीके के उत्पादन के लिए किसी दूसरे देश के साथ साझेदारी कर रहा है जिसका फरवरी में ह्यूमन ट्रायल हो सकता है। हालांकि उन्होंने स्वदेशी कोरोना टीके बारे में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी।

ईरान पश्चिम एशिया में कोरोना महामारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है जहां अब तक 12 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और संक्रमण से करीब 55000 लोगों की जान जा चुकी है।

पहले चरण के क्लिनिकल परीक्षण में कुल 56 प्रतिभागियों को दो सप्ताह के अंदर ईरान निर्मित टीके की दो खुराक दी जाएंगी। यह जानकारी परीक्षण से जुड़े हामिद हुसैनी ने दी। उन्होंने बताया कि दूसरी खुराक दिये जाने के करीब एक महीने बाद परिणाम घोषित किये जाएंगे।