रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारती पेट्रोल और डीजल की मांग को पूरा करने के लिए मुस्लिम देश ईरान आगे आया है। इसको लेकर भारत में ईरान के राजदूत अली चेगेनी ने भारत को ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि ईरान देश कच्चा तेल और गैस के निर्यात के लिए रुपया-रियाल व्यापार फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। ऐसे में Russia Ukraine War भारत के लिए ये अच्छी खबर है।

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अली चेगेनी ने कहा कि अगर दोनों देश रुपया-रियाल व्यापार फिर से शुरू करते हैं, तो द्विपक्षीय व्यापार 30 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। जान लें कि ईरान, भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता था, लेकिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद भारत को आयात रोकना पड़ा था।

चेगेनी के हवाले से एमवीआईआरडीसी विश्व व्यापार केंद्र की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि, ‘ईरान तेल और गैस के निर्यात के लिए रुपया-रियाल व्यापार शुरू करके भारत की ऊर्जा सुरक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है।’ ईरानी राजदूत ने आगे कहा, ‘रुपया-रियाल व्यापार तंत्र दोनों देशों की कंपनियों को एक दूसरे के साथ सीधे सौदा करने और तीसरे पक्ष की मध्यस्थता लागत से बचने में मदद कर सकता है।’

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आपको बता दें कि यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस बीच रूस ऐलान कर चुका है कि वो सस्ते दामों पर कच्चा तेल बेचेगा। पश्चिमी देश लगातार ये दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि भारत और अन्य देश रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदें। हालांकि भारत ने अभी तक रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए मना नहीं किया है।