इंडिजिनयस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने आदिवासियों के लिए अलग राज्य त्रिपरालैंड गठित करने की मांग की है। इस मांग के लिए पार्टी के जरिए दिल्ली में रैली भी की जाएगी। इंडिजिनयस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) भारतीय जनता पार्टी की त्रिपुरा में सहयोगी पार्टी है।

आईपीएफटी का कहना है कि वह आदिवासियों के लिए अलग राज्य बनाने के लिए दबाव बनाना चाहती है। साथ ही उनकी मांग प्रस्तावित नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 को निरस्त करने की भी है। पार्टी का कहना है कि त्रिपरालैंड गठित करने और प्रस्तावित नागरिकता संशोधन विधेयक, 2016 को निरस्त करने की मांग पर दबाव बनाने के लिए दिल्ली में रैली करेगी।


आईपीएफटी महासचिव मंगल देववर्मा ने कहा कि हाल ही में पार्टी की कार्यकारी की बैठक में दिसंबर के दूसरे सप्ताह में विशाल रैली निकालने का निर्णय किया गया। पार्टी के हजारों कार्यकर्ता एवं समर्थक धरना पर बैठेंगे और रैली निकालेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान ही पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने का प्रयत्न करेगा।

पार्टी अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए पांच दिसंबर को त्रिपुरा जनजाति क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद में सूर्योदय से सूर्यास्त तक हड़ताल रखेगी। बीजेपी और आईपीएफटी ने 18 फरवरी को त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में 60 से 44 सीटें हासिल की थीं।  बीजेपी के पास 36 सीटें हैं।