सामाजिक कार्यकर्ता एेजनेस खारसिंग ने शुक्रवार को कहा कि गत 8 नवंबर उनके ऊपर हुए जानलेवा हमले की घटना की जांच का दायित्व सीबीआई को सौंपना चाहिए। इससे पहले, एेजनेस की सहयोगी अमिता संगमा ने भी घटना की जांच साबीआई से कराने की मांग की थी।

एेजनेस ने कहा कि केवल सीबीआई ही मामले की जांच कर घटना की गहराई तक पहुंच सकती है। उन्होंने विभिन्न पिछली जांचों का हवाला देते हुए पुलिस की दक्षता पर भी संदेह किया। उन्होंने कहा कि आज तक पुलिस हमले में शामिल 30 में से केवल छह लोगों को गिरफ्तार कर सकी। हमले के मुख्य आरोपी तथा एनपीपी नेता निदामन चलेट अभी भी फरार है।

ज्ञात हो कि एेजनेस की कोहनी पर सर्जरी के बाद स्वास्थ्य में सुधार आ रहा है, हालांकि उनके सिर का घाव अभी तक ठीक नहीं हुआ है।

मालूम हो कि गत 8 नवंबर को ईस्ट जयंतिया हिल्स के दौरे पर गई खारसिंग व उनकी सहयोगी अमिता संगमा पर जानलेवा हमला हुआ था। हमले के पीछे कोयला माफियाओं के हाथ होने की बात सामने आई है।

यह कहा जा रहा है कि जिस प्रकार खारसिंग कोयले के अवैध खनन और परिवहन पर मुखर रही इससे कोयला माफियाओं में काफी खलबली और रोष था।