अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भी राजनेता अपनी राजनीति करने से बाज नहीं आए। दरअसल पूर्वोत्तर के तीन राज्यों (मेघालय, नागालैंड और मिजोरम) में योग दिवस को लेकर यहां के मुख्यमंत्रियों ने किसी भी तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई। इन तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सोशल मीडिया अकाउंट पर योग दिवस को लेकर किसी भी कार्यक्रम या शुभकामनाओं का जिक्र नहीं मिला। दरअसल यहां की जनसंख्या में ईसाईयों की आबादी ज्यादा है। ईसाई समुदाय के लोग योग को हिंदू दर्शन का हिस्सा बताकर इसका विरोध समय-समय पर करते रहे हैं।

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इसके उल्ट पूर्वोत्तर के अन्य राज्य असम, त्रिपुरा, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश की बात की जाए तो यहां योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इन सभी राज्यों के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल, बिप्लब कुमार देव, एन बीरेन सिंह और पेमा खांडू ने आम जनता के साथ योग किया और बकायता सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरों को शेयर कर आम जनता को भी योग के प्रति जागरूक करने की अपनी भूमिका को निभाया। आपको बता दें कि जिन तीन राज्यों में योग दिवस नहीं मनाया गया, उसमें दो में (मेघालय और नागालैंड) में बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार है। वहीं मिजोरम राज्य में फिलहाल कांग्रेस का शासन है। इन तीनों राज्यों में ईसाई समुदाय की बात की जाए तो नागालैंड में ईसाई जनसंख्या 93 प्रतिशत, मिजोरम में 90 प्रतिशत और मेघालय में 70 प्रतिशत हो गई है।

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मिजोरम के मंत्री ने कहा: योग दिवस के बारे में कुछ नहीं पता

बता दें कि राज्य के मुख्यमंत्री लल थनहवला और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने योग दिवस नहीं मनाया। यहां तक कि कई लोगों को योग दिवस के बारे में पता ही नहीं है। राज्य के युवा और खेल मंत्री जोडिंगतलुआंगा ने कहा कि मुझे योग दिवस के बारे में कुछ नहीं पता, मैं अभी अपने इलाके में आई बाढ़ से परेशान लोगों की मदद करने में व्यस्त हूं। वहीं राज्य में बीजेपी के अध्यक्ष जेवी हलुना ने कहा कि मुख्यमंत्री को लगता है कि केंद्र जो करे, उन्हें उसका उल्टा करना चाहिए, यह दुखद है। वहीं मिजोरम में असम राइफल्स के जवान भारी संख्या में तैनात हैं। वे इस इस साल भी योग दिवस मना रहे हैं। आपको बता दें कि मिजोरम में मौजूदा समय में कांग्रेस की सरकार हैं और यहां इस वर्ष के अंत में चुनाव होना है।

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केरल के मुख्यमंत्री से लेनी चाहिए सीख

बता दें कि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कहा है कि योग करते समय धर्मनिरपेक्ष रहें। उन्होंने कहा कि योग को धर्म से जोड़ के नहीं देखना चाहिए। ये एक शारीरिक अभ्यास है और हर वर्ग के लोगों को इसे करना चाहिए। साथ ही योग को धर्म के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए विजयन ने कहा कि योग करते समय दिमाग धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए, लेकिन कुछ लोगों ने इसे धर्म के साथ जोड़ दिया है। योग कई युगों से अस्तित्व में रहा है। 

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नीतीश कुमार ने भी बनाई योग से दूरी

बता दें कि बिहार में सत्ता की सहयोगी जनता दल (यू) इस बार योग दिवस के आयोजन में शामिल नहीं हुई। बताया जा रहा है कि जेडीयू ने योग दिवस के मौके पर इसके आयोजन से दूर रहने का फैसला किया था। इसी कारण राजधानी पटना में ही एक भव्य समारोह आयोजित होने के बावजूद सीएम नीतीश कुमार समेत जेडीयू का कोई भी नेता इसमें शामिल नहीं हुआ। वहीं योग दिवस के समारोह के बाद राज्य के सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि योग दिवस समारोह में सीएम नीतीश कुमार या जेडीयू नेताओंं के शामिल ना होने पर विवाद निरर्थक है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे एक दर्ज से अधिक लोगों को जानता हूं, जो जेडीयू की ओर से पटना में हुए समारोह में शामिल हुए हैं। क्या जेडीयू और आरजेडी का कोई नेता योग नहीं करता होगा, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हर कोई योग दिवस के कार्यक्रम में शामिल हो।