भारत को मंदिरों का देश भी कहा जाता है। यहां इतने अनोखे और भव्य मंदिर हैं, जिनसे नजरें दूर नहीं होती हैं। कई मंदिर अपने चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध हैं तो कई मंदिरों का डिजाइन इतनी शानदार है कि लोग देखते ही रह जाते हैं। इस खबर में हम आपको आंध्र प्रदेश के एक अनोखे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस मंदिर में एक खंभा हवा में लटका हुआ है, जिसका रहस्य आज तक कोई नहीं जान पाया है। यह मंदिर अनंतपुर जिले में है। 

इसका ना लेपाक्षी मंदिर की, जिसे 'हैंगिंग पिलर टेंपल' के नाम से भी जाना जाता है। लेपाक्षी मंदिर में कुल 70 खंभे हैं, जिसमें से एक खंभे का जमीन से जुड़ाव ही नहीं है। ये खंभा रहस्यमय तरीके से हवा में लटका हुआ है। बता दें कि लेपाक्षी मंदिर के खंभे आकाश स्तंभ के नाम से भी जाने जाते हैं। इसमें एक खंभा जमीन से करीब आधा इंच ऊपर उठा हुआ है।

1924 में, एक ब्रिटिश इंजीनियर हैमिल्टन ने 'रहस्य' का पता लगाने के लिए स्तंभ को हिलाने की कोशिश की। ऐसा करते समय 10 और खंभे साथ में हिलने लगे। इस डर से कि पूरी संरचना ढह सकती है, उसने तुरंत अपने प्रयास को वही रोक दिया। बाद में, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने अच्छे से जांच की और साबित किया कि स्तंभ का निर्माण गलती के रूप में नहीं किया गया था, बल्कि उस समय के बिल्डरों की प्रतिभा को साबित करने के लिए जानबूझकर बनाया गया था।

ऐसी मान्यता है कि खंभे के नीचे से कुछ निकाल लेने से घर में सुख-समृद्धि आती है। यही वजह है कि यहां आने वाले लोग खंभे के नीचे से कपड़ा निकालते हैं। वीरभद्र मंदिर (या लेपाक्षी मंदिर) का निर्माण 1530 में दो भाइयों- विरुपन्ना नायक और विरन्ना द्वारा किया गया था, जिन्होंने दक्षिणी भारत में प्रसिद्ध विजयनगर साम्राज्य के शासक राजा अच्युतराय के शासनकाल के दौरान उच्च पदों पर कार्य किया था। मंदिर के मुख्य देवता वीरभद्र हैं, जो हिंदू भगवान शिव का दूसरा उग्र रूप है।