पांच सौ करोड़ के बीमा घोटाले पर सख्त कदम उठाते हुए गौहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है। अदालत आगमाी 28 जून को इस मामले में अगली सुनवाई करेगी। इस मामले में असमिया युवा मंच के महासचिव जितुल डेका की ओर से दाखिल जनहित याचिका में सीबीआई जांच की माग की गई है। हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका संख्या- 44/18 के जरिए डेका ने उक्त 500 करोड़ के घोटाले/धोखाधड़ी का मामला अदालत के संज्ञान में लाया है।

बताया गया है कि ये तमाम गड़बड़झाला राज्य के बरपेटा, धुबड़ी, दरंग और नगांव जिलों सहित अनेक स्थानों पर हुआ है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि इसमें कतिपय पुलिस और अन्य सरकारी अधिकारियों के अलावा मेडिकल रिकाॅर्ड विभाग के कर्मचारी, बीमा एजेंट व कर्मी, चिकित्सक, गांव बूढ़ा, संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के तैनात आशा कर्मी, बैंक अधिकारी एवं डाकघरों के कर्मचारी भी शामिल हैं। अधिवक्ता अमित गोयल ने बताया कि इस घोटाले की जड़े राज्य के अल्पसंख्यक इलाकों में फैली हैं। वहां रहने वाले भोले-बोले लोगों को अपने जाल में फंसाने में घोटालेबाज आसानी से सफल हो जाते हैं।

आरोपित लोगों पर आईसीआईसीआई और बजाज अलाइंज आदि से फर्जी मृत्यु प्रमाण और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर धन ऐंठने की शिकायत है। बताया गया है कि विगत 29 जनवरी को अवीवा जीवन बीमा के दो शीर्ष अधिकारियों से बरपेटा पुलिस थाने में पूछताच भी हो चुकी है। बाद में उन्हें थाने से चला जाने दिया गया। बरपेटा पुलिस ने जुलाई 2018 के दौरान इस सिलसिले में 15 लोगों को गिरफ्तार किया था।