देवब्रत की पहल पर डी-वोटरों को मुफ्त कानूनी मदद का निर्देश
डी-वोटरों के लिए अच्छी खबर, मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद

राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण ने असम राज्य कानूनी प्राधिकरण  को डी-वोटर या विधेसी न्यायाधिकरण में मुकदमों का सामना कर रहे लोगों को नियमानुसार निःशुल्क कानूनू सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।


यह निर्देश विधानसभा में नेता विरोधी दल देवब्रत सइकिया की ओर से इस बारे में लिखे गए पत्रों के क्रम में जारी किया गया है। सइकिया के मुताबिक उन्होंने राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण को लिखे पत्रों में बताया था कि बहुत बड़ी संख्या में लोगों को भारतीय नागरिकता के तमाम दस्तावेज दिखाने के बावजूद विदेशी ठहराया जा रहा है।


प्राधिकरण के निर्देश का स्वागत करते हुए सइकिया ने बताया कि पिछले दिनों वे कोकराझाड़, ग्वालपाड़ा और कछार के कई डिटेंशन कैंपों के भ्रमण पर गए थे। वहां रह रहे लोगों से मिले थे। मोरीगांव और उदालगुड़ी में भी उन्हें ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले थे।


उन्होंने बताया कि प्राधिकरण को अन्नाबाला राय और रेबती दास के अलावा पूर्व असम विधानसभा उपाध्यक्ष मौलाना अमीरुद्दीन के परिवार की हालत से भी अवगत कराया था। इन लोगों को भी सभी तरह के नागरिकता संबंधी वैध दस्तावेजों के बावजूद परेशान किया जा रहा है।


नेता विरोधी दल के अनुसार उन्होंने इस बारे में भारत के राष्ट्रपति, भारत सरकार के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त व एनआरसी राज्य संयोजक आदि को भी पत्र लिखे हैं।