देश में मानसून दस्तक देने वाला है। कोरोना वायरस और ब्लैक फंगस के बीच देश में इन्फ्लूएंजा भी कहर बरपा सकता है। कोरोना की तीसरी लहर के साथ साथ इन्फ्लूएंजा भी बच्चों को अपना शिकार बना सकता है। इसी बीच मानसून में इन्फ्लूएंजा का खतरा ज्याज बढ़ सकता है। इसी कड़ी में कोरोना की मार झएल रहे महाराष्ट्र सरकार ने मानसून से पहले फ्लू का टीकाकरण की अपील की है।  

कोविड टास्कफोर्स और नवगठित बाल चिकित्सा टास्कफोर्स ने महाराष्ट्र सरकार से संयुक्त रूप से हर बच्चे का टीकाकरण करने की अपील की है। टास्कफोर्स के डॉक्टरों ने सीएम उद्धव ठाकरे से मानसून से पहले सभी बच्चों को इन्फ्लूएंजा की वैक्सीन लगाने की सिफारिश की है। डॉक्टरों ने कहा कि इन्फ्लूएंजा का टीका इस बीमारी को रोकने में मदद करेगा, इससे अस्पतालों और टेस्ट सेंटर में भीड़भाड़ कम होगी।

डॉक्टर्स ने बताया है कि कोरोना और फ्लू के सामान्य लक्षण कुछ हद तक एक जैसे होते हैं। ऐसे में लोग बच्चों की तबीयत को लेकर भ्रमित होकर अस्पतालों और टेस्टिंग सेंटर का रुख करते हैं। इन्फ्लूएंजा श्वसन तंत्र का एक संक्रामक रोग होता है, जिसकी शुरुआत खांसी, जुकाम और हल्के बुखार के साथ होती है। इन्फ्लूएंजा वायरस भी कोरोना की तरह ही शरीर में नाक, आंख और मुंह से प्रवेश करता है। यह खांसने और छींकने पर फैलता है।