पाकिस्तान महंगाई की मौत मरने जा रहा है क्योंकि वहां पर अदरम की कीमत 1000 रूपए तो चीनी 104 रूपए किलो तक पहुंच गई है। जबकि एक अंडा 30 रूपए में मिल रहा है। पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान नया पाकिस्तान बनाने का नारा फुुस्स हो गया है। इतना ही नहीं बल्कि उनके सस्ता में आते ही गेहूं 60 रुपये किलो पहुंच गया है।
इसी तरह पाकिस्तान के ज्यादातर राज्यों में चिकन 300 रुपये किलो बिक रहा है। ऐसा नहीं है कि महंगाई की ये मार सिर्फ पोलेट्री उत्पादों पर है। इमरान खान के नए पाकिस्तान में लोगों को दो वक्त का खाना भी नसीब नहीं हो रहा है।

पाकिस्तान की करीब 25 फीसदी जनता गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजारती है। ठंड के मौसम में जैसे ही अंडों और अदरक की खपत बढ़ी इनकी कीमतों ने आसमान छू लिया। आटा लोगों को नसीब नहीं हो पा रहा।

भीषण खाद्यान की कमी के साथ ही पाकिस्तान घरेलू गैस संकट का सामना कर रहा है। देश में गैस की स्पलाई करने वाली कंपनी सुई नॉर्दन प्रतिदिन 500 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस की कमी से जूझ रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि इमरान सरकार ने गैस खरीदने का फैसला नहीं किया तो पाकिस्तान में लोगों के घर चूल्हे जलने भी बंद हो जाएंगे।