पिछले दो हफ्तों में तीसरी बार एयरक्राफ्ट्स के इंजन में खराबी को गंभीरता से लेते हुए सिविल एविएशन रेग्युलेटर ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने इंडिगो और गो एयर के नियो विमानों की उड़ानों को रोक लगाने का आदेश दिया है।


इस कारण से इंडिगो ने 13 मार्च को अपने घरेलू नेटवर्क पर 47 उड़ानें रद्द कर दी हैं, एयरलाइन ने अपनी वेबसाइट पर यह घोषणा की है। जिन उड़ानों को रद्द कर दिया गया है वे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, पटना, श्रीनगर, भुवनेश्वर, अमृतसर, श्रीनगर और गुवाहाटी से हैं।  DGCA के इस आदेश के बाद दिल्ली-मुंबई रूट के यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना होगा।

उड़ानों के रद्द होने के बाद यात्रियों को हो रही दिक्कतों के मद्देनजर इंडिगो ने बयान जारी कर कहा है कि उसकी एक ही रूट पर कई उड़ानें हैं और प्रभावित यात्रियों को अन्य फ्लाइट्स से जाने की व्यवस्था की जा रही है। कंपनी ने सभी प्रभावित यात्रियों को 2 विकल्प दिए गए हैं। पहला वह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के किसी अन्य फ्लाइट से यात्रा करें या टिकट को रद्द करा पूरा रीफंड पाएं। टिकट रद्द कराने वालों से कोई कैंसलेशन चार्ज नहीं लिया जाएगा।'

दरअसल सोमवार को इंडिगो की एक फ्लाइट को इंजन में गड़बड़ी के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमर्जेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। इस घटना के कुछ ही घंटों में DGCA ने इंडिगो और गोएयर को निर्देश दिया कि वे उन ग्यारह A320 नियो विमानों को सेवा से तुरंत हटा लें, जिनमें प्रैट ऐंड विटनी इंजनों की एक खास सीरीज लगी हुई है। एक खास सीरीज वाले कुल 14 ए 320 नियो विमानों को अब सेवा से हटाया जा चुका है। इनमें 11 का उपयोग इंडिगो कर रही थी और 3 का गोएयर। इंडिगो के तीन विमान पहले ही इस समस्या के कारण सेवा से हटाया जा चुके थे।


डीजीसीए के निदेशक, विमान के संचालन की सुरक्षा का हवाला देते हुए, 12 मार्च के आदेश में कहा गया है कि ESN 450 के अलावा PW1100 इंजनों के साथ लगाए गए A320 निओस को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय करने का निर्णय लिया गया है। फरवरी से इसी तरह के इंजन की समस्याओं के बाद तीन और इंडिगो A320 नैनो प्लेन जमीन पर हैं। कल, सैकड़ों यात्री पूरे देश में फंसे हुए थे क्योंकि इंडिगो और गोएयर ने दर्जनों उड़ानों को रद्द कर दिया था। इंडिगो रोज़ाना लगभग 1,000 उड़ानें संचालित करती हैं। इंडिगो से करीब 40 फीसदी घरेलू यात्री यात्रा करते हैं जबकि गोएयर का बाजार हिस्सेदारी करीब 10 फीसदी है।