लॉकडाउन के कारण विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए महा-अभियान की चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इसकी शुरुआत 7 मई से करने को कहा है। सरकार ने जानकारी दी है कि विदेशों से आने वाले भारतीयों को किराया और क्वारंटाइन का खर्च खुद चुकाना होगा। इसका मतलब है कि जो भी विदेशों से भारत आएगा उसे अपनी जेब ढीली करनी होगी।

इसी के साथ जानकारी दे दें कि 7 से 13 मई के बीच पहले चरण में 64 विमानों के जरिए 12 देशों से 15,000 लोगों को वापस लाने का प्लान है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक लंदन से दिल्ली के बीच प्रति व्यक्ति किराया 50 हजार रुपए तय किया गया है। ढाका से दिल्ली के बीच किराया 12 हजार रुपए, सिंगापुर से दिल्ली तक का 20 हजार रुपए और लंदन से मुंबई, अहमदाबाद, बेंगलुरु के लिए भी 50 हजार रुपए किराया है।


इसी तरह से अमेरिका के शिकागो से दिल्ली, हैदराबाद के लिए करीब 1 लाख रुपए किराया है। बता दें कि सरकार ने जो भी विदेशों से यात्रा कर आएगे उन सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग और उन्हें 14 दिन क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की है। और इऩ सभी का खर्चा विदेश से आए लोगों को ही वहन करना है। बताया जा रहा है कि सबसे ज्यादा 15 उड़ानें केरल आएंगी जिनमें 7 देशों से लोगों को लाया जाएगा।