टोक्यो ओलंपिक खेलों में फ्रीस्टाइल (125 किलोग्राम कैटेगरी) में भारत की मेडल जीतने की उम्मीदों को झटका लगा है। ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके फ्रीस्टाइल Wrestler Sumit Malik डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। डोप टेस्ट में नाकाम होने की वजह से सुमित मलिक टोक्यो ओलंपिक 2020 में हिस्सा नहीं ले जाएंगे।

युनाइेड वल्र्ड रेसलिंग द्वारा 6-9 मई तक बुल्गारिया के शहर सोफिया में आयोजित ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान सुमित मलिक का डोप टेस्ट किया गया था। दिल्ली के पहलवान सुमित ने सोफिया में ही 125 किग्रा फ्रीस्टाइल इवेंट के लिए ओलंपिक का टिकट हासिल किया था।

सामने आई जानकारी के मुताबिक डोप टेस्ट में ओलंपिक में भारत में 125 किलोग्राम कैटेगरी की सीट गंवा दी है। हालांकि पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे रहे थे कि सुमित मलिक को ओलंपिक में भाग लेने से निलंबित नहीं किया जाएगा। लेकिन अब यह साफ हो गया है कि सुमित मलिक इस साल टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।

सेमीफाइनल में भारतीय पहलवान ने वेनेजुएला के पहलवान जोस डेनियल डियाज को 5-0 से हराते हुए रूस के सर्गेई कोजीरेव के खिलाफ फाइनल खेलने का हक हासिल किया था। वह हालांकि चोट के कारण फाइनल से हट गए थे। मलिक ने रजत पदक जीता था।

सोफिया में हर वर्ग से फाइनल में पहुंचने वाले पहलवानों को ओलंपिक का टिकट मिला था। ओलंपिक का आयोजन इस साल 23 जुलाई से टोक्यो में होना है। मलिक चौथे भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान है जिन्होंने पुरुष वर्ग में ओलंपिक कोटा हासिल किया था। उनसे पहले रवि दहिया (57 किग्रा), बजरंग पुनिया (65 किग्रा) और दीपक पुनिया (86 किग्रा) ने भी ओलंपिक टिकट जीता है।
टोक्यो ओलंपिक में अब महज 49 दिन शेष रह गए हैं और ऐसे में मलिक के डोप टेस्ट में फेल होने से भारतीय कुश्ती टीम की मेडल जीतने की संभावना कमजोर हुई है।