कोरोना वायरस की तीसरी लहर से बचने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल की ओर से एक अनूठी पहल शुरू की गई है। कोरोना की तीसरी लहर के साथ साथ डेल्टा वेरिएंट ने भी तबाही मचा रखी है। इसका खौफ धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। जयपुर मंडल ने अपने रेल कर्मचारियों के परिजनों को खासकर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे पर होने वाले संक्रमण के असर की संभावना को देखते हुए उनकी जांच आदि के विशेष प्रबंध किए हैं।


मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मंजूषा जैन के निर्देशों पर जयपुर मंडल के रेल कर्मचारियों के 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और उनकी माताओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी तरह से आगे कर्मचारियों के निवास स्टेशनों पर ही उनके परिजनों के स्वास्थ्य संबंधी जांच की व्यवस्था की गई है ताकि बच्चों एवं महिलाओं को अनावश्यक आवागमन से होने वाले खतरे से सुरक्षित रखा जा सकें।


स्टेशनों पर ठहराव किया जहां बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष चिकित्सा जांच का आयोजन किया गया। मेडिकल ट्रेन का ठहराव का समय बच्चों एवं महिलाओं की संख्या के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से निर्धारित किया गया है। इस विशेष मेडिकल ट्रेन में रेलवे चिकित्सक, चिकित्सा कर्मियों के साथ अधिकारियों तथा अधीनस्थ कर्मचारियों को भी समन्वय के लिए तैनात किया गया।