IOC तत्काल सर्विस शुरू कर रही है जिससें बुकिंग के बाद सिर्फ आधे घंटे में रसोई गैस सिलेंडर घर पर पहुंच जाएगा। कंपनी की यह LPG तत्काल सेवा है। IOC की इस सर्विस के जरिए ग्राहक जिस दिन LPG सिलेंडर बुक करेगा उसी दिन सिलेंडर की डिलिवरी होगी।

IOC के मुताबिक हर राज्य/यूनियन टेरिटरी को एक शहर या जिला चुनना होगा जहां तत्काल LPG सेवा की शुरुआत की जाएगी। इस स्कीम तहत हम ये सुनिश्चित करेंगे कि हमारे ग्राहक को LPG सिलेंडर बुकिंग के 30 से 45 मिनट के अंदर मिल जाए। IOC का कहना है कि इस दिशा में अभी काम चल रहा है, इसे अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है। IOC का ये प्रयास केंद्र सरकार के 'ease of living' के उद्देश्य का एक हिस्सा है।

IOC का कहना है कि 'ये सर्विस हमें हमारे प्रतिस्पर्धी कंपनियों से अलग खड़ा करेगी और IOC के ग्राहक केंद्रित अप्रोच को बढ़ाएगी। IOC के अधिकारियों का कहना है कि इस सर्विस को जल्द से जल्द शुरू करने की योजना है, ये सेवा 1 फरवरी से शुरू करने की कोशिश है। इंडियन ऑयल अपने ग्राहकों को Indane ब्रांड के नाम से सिलेंडर बेचती है। देश में 28 करोड़ LPG के ग्राहक हैं जिसमें 14 करोड़ IOC के ग्राहक हैं।

IOC के मुताबिक जो भी ग्राहक इस Tatkal LPG सेवा या 'single day delivery service' का इस्तेमाल करेंगे उन्हें इसके लिए छोटी सी कीमत चुकानी होगी, ये प्रीमियम या चार्ज कितना होगा इस पर अभी चर्चा चल रही है। इस तत्काल सेवा के लिए डीलर्स के मौजूदा डिलिवरी नेटवर्क का ही इस्तेमाल किया जाएगा।
SBC या सिंगल बॉटल सिलेंडर ग्राहक यानी जिनके पास सिर्फ एक ही LPG सिलेंडर होता है, उन्हें तब मुश्किल होती है जब सिलेंडर अचानक खत्म हो जाता है। दूसरी कैटेगरी वो होती है जिनके पास एक साथ दो सिलेंडर होते हैं, उन्हें DBC या double bottle consumers कहा जाता है। उनके पास ये विकल्प होता है कि एक सिलेंडर खत्म है तो दूसरा इस्तेमाल कर लें। Pradhan Mantri Ujjwala Yojana (PMUY) पर CAG की एक रिपोर्ट के मुताबिक सिलेंडर की डिलिवरी में देरी LPG को अपनाने के रास्ते में एक बड़ी चुनौती है।

एक LPG डीलर के मुताबिक, हालांकि IOC की ये स्कीम बिल्कुल नई नहीं है, जुलाई 2010 में उस वक्त के तेल मंत्री मुरली देवड़ा ने एक स्कीम लॉन्च की थी, जिसका नाम था 'Preferred Time LPG Delivery Scheme'। इस स्कीम के तहत ग्राहक सुबह 7 बजे से लेकर रात 9 बजे तक सिलेंडर की डिमांड कर सकता था। लेकिन स्कीम कभी भी लागू नहीं हो पाई।