अब चीन चुपके से कोई भी वार नहीं कर सकेगा क्योंकि भारत को अमेरिका से खास जंगी विमान मिल चुका है। अमेरिका से मिले समुद्री गश्ती और पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान P-8I को नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया है। अमेरिका के साथ हुए 1.1 अरब डॉलर के रक्षा समझौते के तहत कुल चार P-8I विमान भारत को मिलने हैं, उनमें से पहला विमान बुधवार गोवा पहुंचा।

P-8I अत्याधुनिक सेंसरों से लैस है, जो हिंद महासागर में चीन की हर हरकत पर नजर रखेगा। यह विमान बुधवार सुबह गोवा स्थित महत्वपूर्ण नेवल बेस आईएनएस हंस पहुंचा। भारतीय नौसेना के पास पहले से ही ऐसे आठ पी-8 आई विमान हैं, जिनमें से कुछ को पूर्वी लद्दाख में चीनी गतिविधियों की निगरानी के लिए तैनात किया गया है।

जो आठ पी-8I विमान भारत के पास पहले से हैं, उनके लिए जनवरी 2009 में सरकार ने 2.1 बिलियन डॉलर का समझौता किया था। ये विमान हार्पून ब्लॉक-II मिसाइलों और MK-54 लाइटवेट टॉरपीडो से लैस हैं। इसके बाद साल 2016 में रक्षा मंत्रालय ने चार और ऐसे विमानों की खरीद का आर्डर दिया था।

पी-8I विमान लंबी दूरी का एंटी-सबमरीन एयरक्राफ्ट है। माना जा रहा है कि इसे हिंद महासागर में तैनात किया जाएगा। पी-8I के नौसेना में शामिल होने से हिंद महासागर में भारत की ताकत में जबरदस्त इजाफा हुआ है। चीन जमीन और समुद्र दोनों की रास्तों से अपने विस्तारवादी मंसूबों को अंजाम देने के लिए कुख्यात है। इस लिहाज से पी-8I के रूप में भारतीय नौसेना को एक ऐसा हथियार मिल गया है, जो चीन की हर हरकत पर बारीकी से नजर रखने में सक्षम है।