चीनी सैनिकों ने आज सिक्किम के नाथूला दर्रे में भारतीय सैनिकों के साथ मिलकर भारत का 72 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। सेना के अनुसार उसने चीनी सैनिकों को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। चीनी सैनिक इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए भारतीय सीमा में आये। दोनों के बीच इस मौके पर बैठक भी हुई, जिसमें सीमा पर शांति बनाये रखने और परस्पर विश्वास बढाने के उपायों पर चर्चा की गयी।

 

यह पूरा कार्यक्रम गर्मजोशी और मैत्रीपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस मौके पर जवानों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए, जिनमें दोनों देशों की विविधतापूर्ण संस्कृति की झलक दिखायी दी। इस दौरान उपहारों का आदान प्रदान भी किया गया। इससे पहले गत एक अगस्त को भारतीय सैनिकों ने भी चीनी सीमा में जाकर चीन की सेना के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। 

गौरतलब है कि 15 अगस्त का मुख्य कार्यक्रम लाल किले पर आयोजित किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर से आने वाले वाली खबरें देश को प्रेरणा दे रहीं हैं। उन्होंने कहा, एक समय था जब पूर्वोत्तर को लगता था कि दिल्ली बहुत दूर है, आज हमने दिल्ली को पूर्वोत्तर के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत को जैविक खेती का हब बनाया जा रहा है। वहां के युवकों को बीपीओ सेंटरों से रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में वामपंथी उग्रवाद भी 126 जिलों से सिकुड़ कर 90 जिलों में सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि संसद का बीता सत्र सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। दलित शोषित पीडि़त को न्याय दिलाना सरकार का ध्येय है। सरकार का लक्ष्य है कि गरीबों को न्याय मिले, हर किसी को उसकी इच्छा और आकांक्षाओं के हिसाब से आगे बढऩे का अवसर मिले। आर्थिक सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हाल में कुछ खबरों ने देश में नयी चेतना, ऊर्जा का संचार किया है। भारत विश्व की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वैश्वीकरण के युग में पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है।