भारत की महिला मुक्केबाज पूजा रानी (75 किग्रा) को यहां चल रहे टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चीन की किआन ली के हाथों 0-5 से हार का सामना करना पड़ा है। पूजा ओलंपिक में पदक हासिल करने से एक कदम दूर थीं। अगर वह यह मुकाबला जीत जातीं तो देश के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लेतीं, लेकिन किआन ने उन्हें एकतरफा मुकाबले पराजित कर दिया और पूजा के हार के साथ ही उनसे पदक लाने की उम्मीद धूमिल हो गई।

किआन पहले राउंड से ही पूजा पर हावी रहीं और उन्होंने पांचों जजों को तीनों राउंड में काफी प्रभावित किया। किआन को पांचों जजों ने तीनों राउंड में 10-10 अंक दिए। पूजा को पहले दो राउंड में पांचों जजों से नौ-नौ अंक मिले, जबकि तीसरे राउंड में एक जज को छोडकऱ अन्य चार ने उन्हें नौ-नौ अंक दिए और एक एक जज ने आठ अंक दिया।

इससे पहले भारतीय मुक्केबाज पूजा रानी (75 किग्रा) ओलिंपिक खेलों में पदार्पण करते हुए शुरुआती मुकाबले में अल्जीरिया की इचरक चाएब को 5-0 से पराजित कर क्वॉर्टर फाइनल में प्रवेश किया था। तीस साल की भारतीय ने पूरे मुकाबले के दौरान अपने से 10 साल जूनियर प्रतिद्वंद्वी पर दबदबा बनाए रखा था। वह कंधे की चोट से जूझती रहीं जिससे उनका करियर खत्म होने का भी डर बना हुआ था, उनका हाथ भी जल गया था। वित्तीय सहयोग की कमी के बावजूद वह यहां तक पहुंची हैं। उनके पिता पुलिस अधिकारी हैं जो उन्हें इस खेल में नहीं आने देना चाहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि मुक्केबाजी आक्रामक लोगों के लिए ही है।