छात्र संगठन आसू ने कहा कि असम समझौते के आधार पर आयोजित त्रिपक्षीय बैठक के अनुसार भारत-बांग्लादेश सीमा को सील करने के लिए सरकार ने पूरी व्यवस्था नहीं की है। मालूम हो कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने धुबड़ी दौरे के दौरान भारत (असम)-बंग्लादेश सीमा सुरक्षित रहने की बात कही थी।


बुधवार को यहां एक बयान जारी कर अासु ने कहा कि सीमा की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा ली गई आधुनिक प्रोद्योगिकी व्यवस्था स्वागतयोग्य तो है लेकिन आधुनिक तकनीकी सहित सीमा को सील करने,घुसपैठ रोकने के लिए आसू द्वारा उठाए गए अन्य पहलों का भी क्रियान्वयन करना होगा। सरकार की ताजा पहलों पर अासू की कड़ी नजर रहेगी।


अासू अध्यक्ष दीपांक कुमार नाथ और महासचिव लुरिनज्योति गोगोई ने एक बयान में कहा कि असम समझौते के दो धाराओं में सीमा सुरक्षा का स्पष्ट आश्वासन दिया गया है। सीमा की सुरक्षा के लिए जरूरी सभी पहल करने की आसु मांग करता है। सभी व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीकी  व्यवस्था भी शामिल है। लेकिन पूर्व के सारे त्रिपक्षीय बैठकों में सीमा की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया था।


मौजूदा केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उसी तरह पहल करने का अाश्वासनों के अनुसार सीमा को सील करने की कोई व्यवस्था नहीं हुई है।