सीमावर्ती इलाकों में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए भारत और बांग्लादेश के बीच संयुक्त सीमा सम्मेलन हुआ। इसमें दोनों देशों ने इन परेशानियों से निपटने के लिए अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दिया। 

संयुक्त सीमा सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल के दल के नेता और जिला मजिस्ट्रेट प्रदीप चक्रवर्ती ने बताया की पूर्वी बांग्लादेश के कॉमिला में एक दिन की लंबी बैठक आयोजित की गई, जिसमें सीमावर्ती तस्करी, नशीली दवाओं की तस्करी, आतंकवाद, जल निकासी और सीमा निवासियों से संबंधित समस्याओं पर चर्चा हुई है और इन मुद्दों से निपटने के लिए कुछ रणनीतियां तय की गई हैं।

बता दें कि "भारत और बांग्लादेश के बीच संयुक्त सीमा सम्मेलन दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों के सकारात्मक समाधान के लिए एक नियमित अंतराल में आयोजित की जाती है। इस दौरान सीमा अपराधों, सीमावर्ती बाड़ लगाने और बेहतर सीमा प्रबंधन से निपटने के लिए रणनीतियां और आतंकवाद से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। 

चक्रवर्ती ने कहा कि बांग्लादेश की मांग के जवाब में, पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन ने हावड़ा नहर के गंदे पानी का इलाज करने के लिए एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके साथ ही बैठक में प्रस्तावित अगरतला-अखौरा 15 किमी रेल लिंक के लिए भूमि अधिग्रहण के बारे में भी चर्चा हुई। त्रिपुरा गृह विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि सीमा से संबंधित समस्याओं को हल करने के लिए, भारत और बांग्लादेश दोनों के जिला स्तर के अधिकारियों ने कई साल के अंतराल के बाद फिर से बैठकें शुरू की हैं।