दुर्घटना से बचने के लिए मणिपुर में जिरिबाम से राजधानी इम्फाल के बीच 110 किमी की रेललाइन पर पड़ने वाली 10.28 किमी लंबी सुरंग (टनल) में हवा के प्रसार और संकेतकों पर नियंत्रण समेत सभी तरह की निगरानी और रखरखाव के लिए पहली बार रेलवे आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (एआइ) तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है।

हालांकि, रेलवे पहले से ही इस तकनीक का इस्तेमाल सिग्नलिंग प्रणाली की समस्याएं या खामियां पता लगाने के लिए कर रहा है, लेकिन ऐसा पहली बार है जब इसका उपयोग देश की किसी टनल में किया जाएगा। पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे में उपप्रमुख (निर्माण) योगेश ने बताया, 'यह प्रणाली अन्य पहलुओं के साथ-साथ वायु प्रसार को भी नियंत्रित करेगी। यह आग लगने की स्थिति में यात्रियों को अलर्ट करेगी और किसी भी परेशानी की स्थिति में उन्हें तत्काल बाहर निकालने में मदद करेगी।

टनल है बेहद खास

यह टनल अपने आप में अनोखी है क्योंकि इसमें हर 500 मीटर पर सेफ्टी टनल भी बनाई गई हैं। इसलिए किसी भी दुर्घटना की स्थिति में सभी यात्रियों को 500 मीटर दूर स्थित टनल में जाना होगा और वहां संकेतकों की मदद से वे बाहर निकल सकेंगे। इन सभी चीजों को आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के जरिये नियंत्रित किया जाएगा।


प्रणाली  का प्रायोग

जिरिबाम-इम्फाल रेल मार्ग पर 46 अन्य टनल भी हैं। इस प्रणाली के जरिये सिग्नल्स, ट्रैक सर्किट्स, एक्सेल काउंटर्स, इंटरलॉकिंग, पावर सप्लाई सिस्टम्स, रिले और टाइमर्स समेत कई अन्य चीजों की लगातार निगरानी भी की जाएगी। इस प्रणाली का इस्तेमाल हैदराबाद, मुंबई और अहमदाबाद मेट्रो में भी किया जा रहा है।