धुबड़ी जिले में भारत -बांग्लादेश की सीमा पर तस्करी रोकने तथा अवैध घुसपैठियों पर काबू पाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने व्यापक इंतजाम किए हैं । इस आशय की जानकारी रविवार को यहां बेस कैंप परिसर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बीएसएफ के महानिरीक्षक एके शर्मा ने दी।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब सीमा की सुरक्षा ड्रोन सहित अत्याधुनिक उपकरणों से होगी, जिससे कि सीमा पार की अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा कि नदी मार्ग में 60-70 किमी तक 314 बोर्डर आउट पोस्टों के साथ इलेक्ट्रानिक उपकरणों का संस्थापन प्रारंभ हो चुका है और इसे इसी वर्ष आगामी अक्टूबर अथवा नवंबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा।

श्री शर्मा ने पानबाड़ी बीएसएफ कैंप के वरिष्ट अधिकारियों से भी मिले और उन्हें जानकारी मिली कि तमाम कोशिशों के वावजूद यहां सीमावर्ती इलाकों में चौबीसों घंटे नजर रखना एक बड़ी चुनौती है क्योंकि पिछड़े इलाके एवं मौसम का मिजाज बदलते रहने की वजह से जवानों को गश्ती कार्य के दौरान भारी दिक्क्तों  का सामना करना पड़ता है। 

इसलिए पूर्व के लंबे अनुभव एवं जांच-पड़ताल एवं स्थिति की समीक्षा करने  के बाद यह निर्णय लिया गया कि वहां  चौकसी के लिए जवानों को अत्याधुनिक सुविधा से लेश किया  जाए। ड्रान सहित अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मदद से  नई प्रणाली के लागू होने से  बीएसएफ के जवान हर तरह को चुनौती का सामना करने के लिए हर पल तैयार रहेंगे और उन्हें गैर -कानूनी गतिविधियों को रोकने तथा ऐसे कार्यों में संलिप्त तत्वों का मुकाबला करने में आसानी होगी ।

गौरतलब है कि इससे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज गंगाराम अहिर भी बीते वर्ष नवंबर माह में धुबड़ी  जिले में सीमावर्ती इलाके का दौरा कर वहां अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों को संस्थापित करने के स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं।