रक्षा मंत्रालय के थिंक टैंक की तरफ से बड़ा खुलासा हुआ है कि भारतीय सैनिकों की दुश्मन से ज्यादा तनाव जान ले रहा है। बताया गया है कि ये तनाव ज्यादातर सीनियर अफसरों के व्यवहार की वजह से पैदा हो रहा है। जवानों और जेसीओ में तनाव की सबसे बड़ी वजह सही समय पर छुट्टी न मिलना हैं वहीं युवा अफसरों में तनाव की सबसे बड़ी वजह नाकाबिल सीनियर अफसर और अनावश्यक काम का बोझ है। दिए गए काम को असंभव रूप से कम समय में करने का दबाव भी युवा अफसरों को सबसे ज्यादा तनाव दे रहा है।
रक्षा मंत्रालय के सबसे बड़े थिंक टैंक दी यूनाइट सर्विस इंस्टीट्यूशन आॅफ इंडिया की सेना में तनाव को लेकर एक साल तक चली रिसर्च ने नतीजे चौकाने वाले हैं। इस रिसर्च पर आधारित एक वेबिनार भी पिछले साल 17 अक्टूबर को आयोजित की गई जिसमें कई बातें सामने आईं जो भारतीय सेना के सैनिकों को जानलेवा तनाव दे रही है।

खासतौर पर युवा अफसरों में सेना की नौकरी में बहुत सी ऐसी बातें हैं जो बहुत ज्यादा तनाव दे रही हैं। इस रिसर्च में कहा गया है कि जवानों और जेसीओ में अभी भी सेना की नौकरी को लेकर गर्व करने वाली बात बाकी है, लेकिन अफसरों के मामलों में ऐसा नहीं है। युवा अफसरों को अपने सीनियर्स के ढुलमुल फैसले लेने और अयोग्य अफसरों के नीचे काम करने, गैर जरूरी और बेकार कामों में लगाए जाने और कामों को नामुमकिन समय में पूरा करने के हुक्म से सबसे ज्यादा तनाव हो रहा है।

रिसर्च में सीनियर अफसरों के व्यवहार की लंबी सूची है जो युवा अफसरों को सेना की नौकरी से दूर धकेल रही है। इसमें सीनियर अफसरों द्वारा पक्षपात और भ्रष्टाचार, गलतफहमी पैदा करने वाले हुक्म, वीआईपी विजिट में पूरा समय खर्च हो जाने पर अपने लिए समय न बचना, सीनियर अफसरों का रूखा और जी हुजूरी पसंद व्यवहार, प्रमोशन में भेदभाव है। लेकिन सबसे ताज्जुब में डालने वाला कारण है एडब्लूडब्लूए के कार्यक्रम, लेडीज मीट और सेना में अफसरों के बीच होने वाले दूसरे सोशल फंक्शन। एडब्लूडब्लूए का गठन सैनिकों की पत्नियों के कल्याण के लिए हुआ था और इसमें अफसरों की पत्नियां अनेक कार्यक्रम आयोजित करती हैं।

जवानों और जूनियर कमीशंड अफसरों यानी जेसीओ के बीच तनाव की सबसे बड़ी वजह समय पर छुट्टी न मिलना है। बहुत ज्यादा काम, आराम के लिए समय न मिलना और घरेलू परेशानियां तनाव की दूसरी बड़ी वजहें हैं। सीनियर अफसरों के साथ बातचीत कम हो पाना, उनकी समस्याओं को रूखा रवैया और सीनियर्स द्वारा परेशान किए जाना इन्हें तनाव दे रही हैं।

हाजिरी देते समय या दूसरे मौकों पर बेवजह लंबे समय तक खड़े रहना। एडब्लूडब्लूए के कार्यक्रमों, लेडीज मीटिंग और पार्टियों में लंबी ड्यूटी भी जवानों और जेसीओ को तनाव दे रही है। जवानों के पास मनोरंजन की सुविधाओं की कमी, परिवार से लंबी दूरी, स्वास्थ्य की समस्याएं, फील्ड एरिया में रहने की पर्याप्त जगह न होना, सीनियर्स द्वारा दुर्व्यवहार करना तनाव को पैदा कर रही है।