भारतीय सेना के सिपाही की भर्ती देश में कई जगहों पर होती रहती है। इन भर्तियों में लाखों की संख्या में नौजवान भाग लेने जाते हैं। सेलेक्ट किए गए जवानों को ट्रेनिंग के दौरान से ही सैलरी और अन्य सुविधाएं मिलने लगती हैं। सेना में जवान से लेकर जनरल तक सभी को सातवें वेतन आयोग के तहत पगार और अन्य सुविधाएं मिलती हैं। 

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भारतीय सेना में कुल मिलाकर 17 से अधिक पद होते हैं। इनमें सैलरी के अलग-अलग बैंड्स होते हैं। सिपाही सबसे निचला पद होता है। यही सैनिक सीमा पर आतंकियों, दुश्मन सेना और घुसपैठियों से संघर्ष करते हैं। गोलियां खाते हैं। इसमें सिपाही के दो बैंड्स होते हैं। पहला एक्स और दूसरा वाई। 

सिपाही (X) को 5200-20220+1400+2000+डीए मिलता है। यानी कुल मिलाकर लगभग 26900 रुपये सैलरी बनती है। वहीं सिपाही (Y) को 5200-20200+2000+2000+डीए मिलता है। इस कैटगरी में करीब 27100 रुपये सैलरी मिलती है। इसके अलावा आजीवन पेंशन, 60 दिन की सालाना छुट्टी, 20 दिन की कैजुअल छुट्टी, पिछले वेतन के आधार पर अधिकतम 300 दिनों की छुट्टी के बदले भुगतान, दो वर्ष की पढ़ाई के लिए छुट्टी आदि मिलती हैं। यही नहीं IMA, OTA, CME, MCME और MCTE में कैडेट ट्रेनिंग विंग में निश्चित मासिक वेतन 21 हजार रुपए दिए जाते हैं।  

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इसके अलावा सेना के सिपाही को हवाई, रेल यात्रा में छूट मिलती है। मिलिट्री अस्पताल में मुफ्त इलाज की सुविधा, कम ब्याज पर लोन, कैंटीन की फैसिलिटी, राशन आदि सुविधाएं मिलती हैं। सरकार चाहती है कि सैनिक को सैलरी को लेकर किसी तरह का तनाव न रहे। क्योंकि जब वह पोस्ट पर होता है, तब उसकी सैलरी उसके घर वालों के काम आती है। या फिर उसकी बचत होती है।