पिछले दिनों अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग में चीनी सैनिकों की घुसपैठ के बाद भारतीय सेना ने सोमवार को कहा कि हमारे सैनिक पूरी तरह से तैयार है।

उम्मीद है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी(पीएलए) ऑफ चाइना के जवान आगे कहीं पर भी ऐसी गलती करने की कोशिश नहीं करेगी। यहां चीन की रोड बनाने वाली टीम भारतीय इलाके में आई तो हमारे जवानों ने उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद बातचीत कर सामान और मशीनें भी उन्हें लौटा दी। सीमा पर जवानों का मूवमेंट बढ़ाने के लिए ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास इंफ्रास्ट्रक्चर का काम तेजी से हो रहा है।

बता दें कि पिछले साल जुलाई से अगस्त तक में सिक्कम सेक्टर के डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं 74 दिन तक आमने सामने रही थी। ईस्टर्न कमांड के ऑफिसर कमांडिंग ले.जनरल अभय कृष्णा ने आर्मी डे के मौके पर बताया कि चीनी आर्मी की एक टीम अरुणचाल के पास तूतिंग में रोड बनान रही थी। जानकारी मिलते ही हमारे सैनिक वहीं पहुंचे और चीनी सैनिकों से बात कर उन्हें वापस लौट दिया। उन्होंने कहा, हमारी सेना पूरी तरह से तैयार है। हमारे सैनिक तूतिंग में मौजूद थे। वे(चीनी सैनिक) उस इलाके से सामान छोड़कर भाग खड़े हुए।

उम्मीद है कि चीन दोबारा ऐसी गलती नहीं करेगा। ले.जनरल कृष्णा ने कहा, भारत एक मैच्योर देश है। इसलिए हमने कुछ दिन बाद बातचीत कर रोड बनाने वाली उन्हें मशीनें लौटा दीं। इस दौरान चीनी सैनिकों को बताया कि ये नियंत्रण रेखा है और यहां से भारतीय सीमा शुरू हो जाती है,आप इसे क्रास नहीं कर सकते हैं। इसके बाद चीनी सैनिकों ने गलती के लिए माफी मांगी और कहा कि यह भूलवश हुआ है। हम आगे से ऐसा नहीं करेंगे।