यूपी के मुरादनगर के हिसाली गांव में रहने वाले भारतीय सेना के जवान अमरीश त्यागी का शव 16 साल बाद बर्फ में दबा मिला है। अमरीश 23 अक्टूबर, 2005 को सियाचीन से लौटते समय उत्तराखंड के हरशील की खाई में गिर गए थे। उनके साथ हादसे में शहीद हुए 3 जवानों के शव तो मिल गए थे लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया था। अब 2 दिन पहले बर्फ पिघलने से एक शव दिखा था। इसके बाद कपड़े और कुछ पेपरों के आधार पर शव की पहचान अमरीश के रूप में की गई।

परिवार वालों का कहना है कि सेना के लोग और रिश्तेदार कहते थे कि अमरीश अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि वह जिंदा होगा और दुश्मन के चंगुल में फंस गया होगा, इसलिए उन्होंने पितृपक्ष में कभी श्राद्ध नहीं किया और ना ही मृत्यु के बाद संस्कार किया। अब सेना अमरीश का शव लेकर आएगी। उसके बाद ही संस्कार किया जाएगा।

अमरीश के परिवार वालों ने आज तक उनके जिंदा होने की आस नहीं छोड़ी थी, उन्हें विश्वास था कि अमरीश अपनी जान बचाकर कहीं उधर-इधर रह रहा है। 24 सितंबर को देर शाम दिल्ली सेना मुख्यालय से 3 अधिकारी आए और उन्होंने अमरीश के पार्थिव शरीर के उत्तराखंड में मिलने की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार में एक बार फिर पहाड़ टूट गया।

आपको बता दें कि अमरीश त्यागी वर्ष 1995-96 में मेरठ में सेना में भर्ती हुए थे। कई जगह तबादले के बाद 1999 में करगिल युद्ध के दौरान उनकी तैनाती लेह लद्दाख में हुई थी। अमरीश का हवाई जहाज से सबसे ज्यादा ऊंचाई से कूदने के मामले में देशभर में नाम था।