सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने बुधवार को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगे अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और सैनिकों की परिचालन तैयारियों समेत सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि जनरल नरवणे फायर एंड फ्यूरी कोर के एक दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे। 

उन्होंने बताया कि फायर एंड फ्यूरी कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), लेफ्टिनेंट जनरल पीजीके मेनन ने सेना प्रमुख का स्वागत किया। जनरल नरवणे ने रेचिन ला में अग्रिम पंक्ति में तैनात सैनिकों के निवास स्थान की स्थिति का भी निरीक्षण किया, जहां सितंबर में भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के गतिरोध उत्पन्न हुआ था। 

सेना प्रमुख ने एलएसी पर सैनिकों को सहज बनाने के लिए किये गये प्रयासों की सराहना की। जनरल नरवणे ने एलएसी के पास स्थिति की समीक्षा की उन्हें जीओसी फायर एंड फ्यूरी कोर और अन्य स्थानीय कमांडरों ने बलों की परिचालन तैयारियों से अवगत कराया। नरवणे ने रेचिन ला में जवानों के हौसले को सराहा। उन्होंने कई जगहों का दौरा किया। उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सेना की तैयारियों को लेकर कुछ निर्देश भी दिए। आर्मी चीफ ने लेह में तैनात टैंकों का निरीक्षण भी किया। ये टैंक दुश्मनों के किसी भी हिमाकत का जवाब देने के लिए तैयार हैं। बता दें कि लद्दाख में चीन की हर हरकत पर भारतीय जवान पैनी नजर रख रहे हैं। सर्दियां बढ़ने के बाद लद्दाख में ठंड काफी बढ़ गई है इसके बाद भी भारतीय जवान पूरे हौसले के साथ अग्रिम मोर्चे पर डटे हुए हैं। चीन की हरकतों पर भारत की नजर बनी हुई है।