गलवान घाटी में चीनी सेनाओं की हरकत के बाद भारत ने लेह से लेकर लद्दाख तक भारतीय सेना कड़ा रूख दिखा रही है। एलएसी पर भारत और चीन की सेनाएं अभी भी आमने-सामने हैं। ऐसे में जनरल नरवणे ने यहां का दौरा किया है वो भी युद्धक टैंकों के साथ जिसको देखकर चीन के पसीने छूटने वाले हैं।

आज जनरल नरवणे 1 दिन के दौरे पर लेह पहुंचे हैं। उन्होंने फायर ऐंड फ्यूरी कॉर्प का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। करगिल युद्ध के बाद 2 सितंबर 1999 में 'फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स' की स्थापना हुई थी। 1999 में स्थापना के बाद से ही फायर ऐंड फ्यूरी कॉर्प्स लाइन ऑफ कंट्रोल और लाइन ऑफ ऐक्चुअल कंट्रोल दोनों पर भारत की रक्षा कर रहा है। इसके अलावा यह जमीनी हालात पर भी नजर रखता है।

आर्मी चीफ ने फायर ऐंड फ्यूरी कॉर्प के अग्रिम मोर्चों रेचिन ला का दौरा कर LAC पर मौजूदा तैयारियों को देखा। उनको फायर ऐंड फ्यूरी कॉर्प के GOC और अन्य स्थानीय कमांडरों ने आपरेशन की तैयारियों के बारे में बताया।

नरवणे ने रेचिन ला में जवानों के हौसले को सराहा। उन्होंने कई जगहों का दौरा किया। उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सेना की तैयारियों को लेकर कुछ निर्देश भी दिए।

लद्दाख में चीन की हर हरकत पर भारतीय जवान पैनी नजर रख रहे हैं। सर्दियां बढ़ने के बाद लद्दाख में ठंड काफी बढ़ गई है इसके बाद भी भारतीय जवान पूरे हौसले के साथ अग्रिम मोर्चे पर डटे हुए हैं। चीन की हरकतों पर भारत की नजर बनी हुई है।