भारतीय वायुसेना के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इंडियन नेवी के पोत कोच्चि और तेग के साथ-साथ P8I समुद्री निगरानी विमान का बेड़ा और मिग 29 जेट इस अभ्यास में शामिल होंगे। 

भारतीय वायुसेना अपने जगुआर लड़ाकू विमान, सुखोई -30 MKI, फाल्कन AWACS (एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम) विमान, नेत्रा AEW&C (एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल) एयरक्राफ्ट और IL-78 मिड के साथ अभ्यास में भाग ले रहे हैं।  

भारतीय युद्धपोत INS कोच्चि और तेग के साथ-साथ P-8I पनडुब्बी शिकारी विमान और मिग-29 के विमान भी अभ्यास में भाग ले रहे हैं। 

दो दिवसीय इस युद्धाभ्यास का मकसद समुद्री अभियानों में व्यापक रूप से क्षमता का प्रदर्शन करके द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूत करना है। 

अभ्यास में भाग लेने वाली सेनाएं अपने युद्ध संबंधी स्किल को निखारने और समुद्री क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगी।  इस अभ्यास में क्रॉस डेक हेलीकॉप्टर ऑपरेशंस और एंटी सबमरीन ऑपरेशन को अंजाम दिया जाएगा। 

अमेरिकी और भारतीय सेना के इस अभ्यास से चीन की टेंशन बढ़ने वाली है।  क्योंकि चीन लगातार हिंद महासागर में अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहा है. इस अभ्यास से चीन की घुसपैठ पर रोक लगेगी।