मोदी सरकार की अग्निपथ स्कीम में अग्निवीरों की भर्ती के लिए वायुसेना ने डिटेल अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है। इस दी गई डिटेल के अनुसार 4 साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों की वायुसेना की तरफ से कई सुविधाएं दी जाएंगी जो स्थायी वायुसैनिकों को मिलने वाली सुविधाओं के अनुसार ही हैं। एयरफोर्स की वेबसाइट पर अपलोड जानकारी के अनुसार अग्निवीरों को सैलरी के साथ हार्डशिप एलाउंस, यूनीफार्म एलाउंस, कैंटीन सुविधा और मेडिकल सुविधा भी मिलेगी। ये सुविधाएं एक रेगुलर सैनिक को मिलती हैं। 

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अग्निवीरों को सेवा काल के दौरान ट्रैवल एलाउंस भी मिलेगा। इसके अलावा उन्हें साल में 30 दिन की छुट्टी मिलेगी। उनके लिए मेडिकल लीव की व्यवस्था अलग है। अग्निवीरों को सीएसडी कैंटीन की भी सुविधा दिलेगी। अगर दुर्भाग्यवश किसी अग्निवीर की सर्विस (चार साल) के दौरान अगर मृत्यु होती है तो उसके परिवार को इन्श्योरेंस कवर मिलेगा। इसके तहत उसके परिवार को करीब 1 करोड़ रुपये मिलेंगे। 

वायुसेना ने कहा कि वायुसेना में इनकी भर्ती एयर फोर्स एक्ट 1950 के तहत 4 साल के लिए होगी। वायुसेना में अग्निवीरों का एक अलग रैंक होगा जो मौजूदा रैंक से अलग होगा। अग्निवीरों को अग्निपथ स्कीम की सभी शर्तों को मानना होगा। जिन अग्निवीरों की वायुसेना में नियुक्ति के समय उम्र 18 साल से कम होगी उन्हें अपने माता-पिता या अभिभावक से अपने नियुक्ति पत्र पर हस्ताक्षर करवाना होगा। चार साल की सेवा के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को रेगुलर कैडर में लिया जाएगा। इन 25 फीसदी अग्निवीरों की नियुक्ति सेवा काल में उनके सर्विस के परफॉर्मेंस के आधार पर की जाएगी। 

वायुसेना के अनुसार अग्निवीर सम्मान और अवॉर्ड के हकदार होंगे। अग्निवीरों को वायुसेना की गाइडलाइंस के अनुसार ऑनर्स और अवॉडर्स दिया जाएगा। वायुसेना में भर्ती होने के बाद अग्निवीरों को सेना की जरूरतों के अनुसार ट्रेनिंग दी जाएगी। 

अग्निवीरों को 4 साल की सेवा अवधि के दौरान 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। इसके अलावा उन्हें 44 लाख रुपये की एकमुश्त राशि भी दी जाएगी। इसके अलावा चार साल की नौकरी में जितनी सेवा बच्ची रहेगी उसकी सैलरी भी अग्निवीर के परिवार को दी जाएगी। इसके अतिरिक्त अग्निवीर के सेवानिधि फंड में जितने पैसे जमा हुए होंगे उस मे सरकार का योगदान और उसपर ब्याज भी अग्निवीर के परिवार को दिया जाएगा।  

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ड्यूटी के दौरान विकलांग होने पर अग्निवीरों को एक्स-ग्रेशिया 44 लाख रुपये मिलेंगे। साथ ही जितनी नौकरी बची है उसकी पूरी सैलरा मिलेगी इसके अलावा सेवा निधि का पैकेज भी मिलेगा। हालांकि विकलांगता की सीमा के अनुसार अग्निवीरों को मिलने वाली राशि कम या ज्यादा हो सकती है। सेवा खत्म होने पर एक विस्तृत स्किल सर्टिफिकेट अग्निवीरों को दिया जाएगा। इस प्रमाण पत्र में अग्निवीरों का कौशल और उनकी योग्यता का वर्णन होगा।