टीम इंडिया ने इंग्लैंड को दूसरे टेस्ट में 317 रनों से हराकर पहले टेस्ट में मिली हार का बदल ले लिया है।  482 रनों के पहाड़ से लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम चौथे दिन 164 रनों पर सिमट गई। यह इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत है।

चेन्नई में ही मौजूदा सीरीज का पहला मैच हारने के बाद कप्तान विराट कोहली ने कहा था, हमें वापसी करना आता है और अगले मैच में हम अपना बेस्ट देंगे। हमें अच्छी बॉडी लैंग्वेज से शुरुआत करनी होगी और विरोधी टीम पर दबाव बनाना होगा। कैप्टन कोहली की कही ये बात बिल्कुल सही साबित हुई। टीम इंडिया ने मेहमान टीम पर ऐसा दबाव बनाया कि उसने टेस्ट इतिहास में अपने पांचवीं सबसे बड़ी जीत हासिल कर ली।

इंग्लैंड पर 317 रनों की बेशकीमती जीत टीम इंडिया की टेस्ट क्रिकेट में पांचवीं सबसे बड़ी जीत (रनों के लिहाज से) है। भारतीय टीम ने अपनी सबसे बड़ी जीत साउथ अफ्रीका के खिलाफ दिसंबर 2015 में दिल्ली के कोटला में हासिल की थी, तब उसने विराट कोहली की ही कप्तानी में अफ्रीकी टीम को 337 रनों से शिकस्त दी थी। भारत की इंग्लैंड के खिलाफ यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उसने 1986 में लीड्स में कपिल देव की कप्तानी में इंग्लैंड को 279 रनों से मात दी थी। अब यह रिकॉर्ड कोहली के नाम जुड़ गया है, जिनकी कप्तानी में भारत ने न सिर्फ इंग्लैंड को रिकॉर्ड रनों से मात दी, बल्कि 89 वर्षों (1932-2021) के अपने टेस्ट इतिहास की पांचवीं सबसे बड़ी जीत दर्ज की।