पूर्व विश्व चैंपियन एल सरिता देवी का मानना है कि भारत के पास इस बार 23 जुलाई से आठ अगस्त तक होने वाले टोक्यो ओलम्पिक में मुक्केबाजी में कम से कम चार पदक जीतने का अच्छा मौका है। भारत के नौ मुक्केबाजों ने इस बार टोक्यो के लिए क्वालीफाई किया है। 

सरिता ने कहा, भारत के पास इस वर्ष होने वाले टोक्यो ओलम्पिक में काफी अच्छा मौका है। सभी क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ी क्वालीफाई कोचों और सपोर्ट स्टाफ की निगरानी में अपनी तैयारी अच्छी तरह कर रहे हैं। खेल मंत्रालय खिलाडिय़ों को वह सब उपलब्ध करा रहा है जिसकी उन्हें जरूरत है। इसे देखते हुए मुझे लगता है कि भारत के पास पिछले संस्करणों के मुकाबले इस बार काफी अच्छा मौका है। ओलम्पिक में पदकों की संख्या के बारे में पूछने पर सरिता ने कहा, मैं पहले मुक्केबाजी के बारे में कहूंगी। मुझे लगता है कि भारत इस बार मुक्केबाजी में कम से कम चार पदक जीत सकता है क्योंकि हमारे खिलाडिय़ों को परफेक्ट ट्रेनिंग वातावरण मिला है। हम तीरंदाजी, कुश्ती , निशानेबाजी और बैडमिंटन में भी पदक की उम्मीद कर सकते हैं और भारत हॉकी में भी पदक जीत सकता है। 

खिलाडिय़ों की तैयारियों में कोविड के किसी तरह का प्रभाव पडऩे के बारे में पूछने पर पूर्व विश्व चैंपियन ने कहा, जहां तक कोविड के मुद्दे और लॉकडाउन की बात है तो मैं कहूंगी कि हमारे पास ओलम्पिक की तैयारी के लिए ढेर सारा समय था और खिलाडिय़ों को पूरा एक्सपोजर, टूर और टूर्नामेंट मिले इसलिए मुझे नहीं लगता कि कोविड का भारत की ओलम्पिक में संभावनाओं पर कोई बहुत ज्यादा असर पड़ा होगा। अपनी दिनचर्या और ङ्क्षरग में वापसी के बारे में पूछने पर सरिता ने कहा, मैं कोविड से पहले अपनी अकादमी में मुक्केबाजों को ट्रेनिंग दे रही थी लेकिन अब ट्रैनिंग की गंभीरता को कम कर दिया है। मैं अभी भी फिट हूं और किसी भी दिन वापसी कर सकती हूं। भविष्य की अपनी योजनाओं के बारे में पूछने पर सरिता ने कहा, मेरा लक्ष्य अपनी अकादमी से जितना हो सके उतने चैंपियन मुक्केबाज तैयार करना है और देश में अन्य प्रतिभाशाली मुक्केबाजों की मदद करनी है जो बड़े आयोजनों राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल, विश्व चैंपियनशिप तथा ओलम्पिक में पदक जीत सकें। सरिता ने आखिर में कहा कि वह इस साल की समाप्ति से पहले मुक्केबाजी से अपने संन्यास की घोषणा कर देंगी