कोरोना वायरस की वजह से पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है और अब वह भारत से वैक्सीन खरीदने जा रहा है। इस समय भारत की कोरोना वैक्सीन के लिए सभी देश मांग कर रहे हैं। पाकिस्तान भी भारत में बनी कोरोना वैक्सीन मंगाने के लिए तैयार है। पाकिस्तान के लिए भारतीय टीका सस्ता पड़ेगा। जबकि वह किसी और देश से लेगा तो उसे वैक्सीन की ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। पाकिस्तान को भारत में बनी कोरोना वैक्सीन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी कोवैक्स एलायंस के जरिए मिलेगी। पाकिस्तान के अलावा भारत कई अन्य देशों को भी वैक्सीन देगा।

भारत खाड़ी देशों को भी टीके की आपूर्ति कर रहा है। ओमान को 1 लाख टीके भेजे जा रहे हैं। इस सप्ताह के बाद अफगानिस्तान को 5 लाख डोज़ भेजे जाएंगे। भारत 2 लाख टीके की डोज़ निकारागुआ को, 70 हजार डोज डॉमिनिका, 1 लाख डोज बाराबडोस, 1.5 लाख डोज मंगोलिया भेजेगा। इन देशों को टीका भेजने के लिए अभी तारीख तय नहीं हुई है।

मिस्र, अल्जीरिया और कुवैत ने टीके खरीद लिए हैं। ये भारत के कॉमर्शियल निर्यात सूची में शामिल हैं। मंगोलिया (10 लाख), निकारगुआ (3 लाख), सऊदी अरब (30 लाख), म्यांमार और बांग्लादेश ने भारत से टीका खरीदने के लिए करार किया है। इन देशों को भारत गिफ्ट के तौर पर मुफ्त में भी टीका भेज चुका है।

पाकिस्तान के स्पेशल चिकित्सा सहायक डॉक्टर फैज़ल सुल्तान ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय संगठन कोवैक्स ने पाकिस्तान की 20 प्रतिशत आबादी के लिए मुफ्त टीका उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इस अभियान के तहत एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड टीके के 70 लाख डोज पाकिस्तान को मिलेंगे। ये टीका भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बना रही है।

पाकिस्तान कोविड-19 के टीके की पहली खेप लाने के लिए रविवार को एक विशेष विमान चीन रवाना हुआ। चीन सरकार ये टीके अपने सहयोगी देश पाकिस्तान को मुहैया करवा रहा है। इससे पहले पाकिस्तान ने तीन टीकों को मंजूरी दी थी। जिनमें ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका टीका, चीन विकसित एवं चीनी कंपनी साइनोफार्म निर्मित टीका और रूस विकसित स्पूतनिक-V शामिल है।

संयुक्त राष्ट्र के कोवैक्स की पहल से भारत के 100 लाख टीकों की बिक्री होगी। 4 लाख टीके संयुक्त राष्ट्र आपने वर्कर्स के लिए खरीदेगा। फिलीपींस में भारतीय राष्ट्रदूत शम्भू कुमारन ने ट्वीट करके कहा कि भारतीय टीका सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा है। आसियान राष्ट्र इसके रोलआउट की जांच कर रहे हैं।

पाकिस्तान सरकार ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के लाखों वैक्सीन के प्रति डोज के हिसाब से 6 से 7 डॉलर (962-1,123 पाकिस्तानी रुपए) का खर्चा उठाने के लिए तैयार है। हालांकि यहां के स्थानीय ऑथराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर को इस बात की जानकारी नहीं है कि वैक्सीन की आपूर्ति कब तक की जा सकेगी।

पाकिस्तान के सबसे बड़े वैक्सीन और अन्य दवाओं के आयातकों में से एक सिंध मेडिकल स्टोर के रिप्रेजेंटेटिव उस्मान गनी ने डॉन वेबसाइट को बताया कि सरकार ने एस्ट्राजेनेका को मंजूरी दे दी है और हमें भी वैक्सीन के खेप आयात करने की अनुमति मिल चुकी है, हमने अनुमान लगाया है कि सरकार को ये 6-7 अमेरिकी डॉलर के बीच उपलब्ध होगी।

पाकिस्तान में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिली है। उस्मान का कहना है कि ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान के द्वारा इसका रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है लेकिन अब तक उनकी कंपनी को लिखित दौर पर इसका अप्रूवल नहीं मिला है और यहां तक कि वैक्सीन की कीमत भी तय नहीं की गई है।

भारत की वैक्सीन पर उस्मान ने कहा, 'एस्ट्राजेनेका वैक्सीन भारत में बनाई जा रही है इसलिए वहां के लोगों को ये सबसे पहले मिलेगी और इसके बाद ये कोवैक्स (वैक्सीन के लिए वैश्विक गठबंधन) को दी जाएगी। इसके अलावा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश वैक्सीन के लिए पहले ही भुगतान कर चुके हैं।

ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ पाकिस्तान ने इसी हफ्ते कोरोना वायरस की एक और वैक्सीन चीन की सायनोफार्म को भी मंजूरी दी है। सरकार का दावा है कि मार्च तक इस वैक्सीन के कम से कम 10 लाख डोज मंगा लिए जाएंगे। पाकिस्तान सरकार का लक्ष्य 70 फीसदी आबादी को वैक्सीन लगाने का है।