ढाका. बांग्लादेश की यात्रा पर गये भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुलाकात के दौरान भारत ने चीन की चाल को नाकाम करते हुए बांग्लादेश में बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की है। 

यह भी पढ़े : चारा घोटाला : लालू यादव का रांची सीबीआई कोर्ट से रिहाई आदेश जारी, बिहार में गरमाई सियासत


बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए चटगांव बंदरगाह के इस्तेमाल की पेशकश की है. चटगांव बंदरगाह बांग्लादेश का मुख्य बंदरगाह है. इस बंदरगाह के जरिए न केवल भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत होंगे, बल्कि पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे असम, मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा से कनेक्टिविटी भी सुधर जाएगी। 

यह भी पढ़े : Shani Rashi Parivartan : आज शनिदेव अपनी स्वराशि में करेंगे गोचर, इन राशि वालों को मिलेगा शुभ समाचार, शुरू होंगे अच्छे दिन


आधिकारिक यात्रा पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका पहुंचे जयशंकर ने शेख हसीना को उनके भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी की तरफ से नई दिल्ली आने का निमंत्रण दिया. जयशंकर ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री शेख हसीना को उनके गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत शुभकामनाएं दीं. दोनों नेताओं के मार्गदर्शन में हमारे द्विपक्षीय संबंध मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। 

यह भी पढ़े : ओरंग नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व में हाथी और जीप सफारी 1 मई से होगी बंद


बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के प्रेस सचिव एहसानुल करीम ने बताया कि बैठक के दौरान प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि दोनों देशों को अपने संपर्क को और बढ़ाना होगा. करीम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जयशंकर से कहा कि परस्पर लाभ के लिए संपर्क बढ़ाने की जरूरत है।  बांग्लादेश के दक्षिणपूर्वी चटगांव बंदरगाह का उपयोग करने में भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष रूप से फायदा होगा।  अगर संपर्क बढ़ाया जाता है, तो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और त्रिपुरा- को चट्टोग्राम में बंदरगाह तक पहुंच प्राप्त हो सकती है। 

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच सीमा पार मार्गों को फिर से शुरू करने के लिए पहल की गई थी, जिन्हें 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान बंद कर दिया गया था।  तब बांग्लादेश पाकिस्तान का पूर्वी हिस्सा था।  करीम ने कहा कि प्रधानमंत्री हसीना की जयशंकर के साथ आधे घंटे से अधिक लंबी बैठक के दौरान कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।  जयशंकर ने बाद में अपने बांग्लादेशी समकक्ष एके अब्दुल मोमेन के साथ बातचीत की और फिर संयुक्त रूप से मीडिया को जानकारी दी। 

यह भी पढ़े : Masik Shivratri 2022: आज मासिक शिवरात्रि पर पूरे दिन रहेगा ये शुभ योग, जानिए संपूर्ण पूजन विधि व मुहूर्त


बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा कि डॉ मोमेन और डॉ एस जयशंकर ने बांग्लादेश और भारत के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।  उन्होंने चल रहे बांग्लादेश-भारत सहयोग के बारे में संतोष व्यक्त किया, द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने का संकल्प जताया, समग्र रूप से सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया।