भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि वह पाकिस्तान समेत सभी देशों के साथ दोस्ताना संबंध चाहता है। यह जिम्मेदारी इस्लामाबाद की है वह एक 'अनुकूल माहौल' पैदा करे। साथ ही अपने क्षेत्र का किसी भी तरीके से भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न होने दे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर आर मधुसूदन ने यह टिप्पणी शुक्रवार को '2020 के लिए सुरक्षा परिषद की रिपोर्ट' पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में कीं।

मधुसूदन ने महासभा में कहा, "भारत, पाकिस्तान समेत सभी देशों के साथ सामान्य दोस्ताना संबंध चाहता है। हमारा लगातार यह रुख रहा है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मसला है तो उसका हल शांतिपूर्ण रूप से निकाला जाना चाहिए, वो भी भय, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल में। यह जिम्मेदारी पाकिस्तान की है कि वह अपने क्षेत्र को किसी भी तरीके से भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद के लिए इस्तेमाल न करने देकर विश्वसनीय, पुष्ट कार्रवाई करे और अनुकूल माहौल बनाए।"

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि मुनीर अकरम ने अपनी टिप्पणियों में जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाया था। जिस पर भारतीय अधिकारी ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान लगातार ऐसी हरकतों में शामिल है जो इस मंच के लिहाज से शोभा नहीं देतीं।

मधुसूदन ने कहा, 'यह साफ है कि यह प्रतिनिधिमंडल अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मूर्ख नहीं बना पाएगा। पाकिस्तान यूएनजीए के मंच का दुरुपयोग करना चाहता है और उसने एक बार फिर मेरे देश के आंतरिक मुद्दों को उठाया है। भारत की संसद द्वारा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख पर लिए गए फैसले भारत के आंतरिक मामले हैं।'